Modi 3.0 Cabinet Distributions: लोकसभा चुनाव 2024 में जीत हासिल करने के बाद एनडीए ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता चुना है। बीती शाम एनडीए की बैठक में जेडीयू नेता नीतीश कुमार और टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने सर्वसम्मति के साथ मोदी सरकार को हरी झंडी दिखा दी है। पीएम मोदी जल्द ही तीसरी बार शपथ लेते नजर आएंगे। ऐसे में सभी की नजरें मोदी मंत्रिमंडल पर टिकी हैं।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनने के लिए सभी की होड़ लगी है। बीजेपी नेताओं से लेकर गठबंधन पार्टियों के नेता भी मोदी मंत्रिमंडल का हिस्सा बनने की दावेदारी पेश कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई नेताओं ने अहम मंत्रालयों की मांग की है तो वहीं बीजेपी ने बड़े मंत्रालय अपने पास रखने की पेशकश की है।
जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 12 सीटों के साथ एनडीए का हिस्सा हैं। ऐसे में उन्होंने चार मंत्रालयों की मांग की है। खबरों की मानें तो नीतीश कुमार ने रेलवे, ग्रामीण विकास, जल शक्ति और परिवहन मंत्रालय मांगे हैं। बता दें कि अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में नीतीश कुमार रेल मंत्री रह चुके हैं। वहीं बिहार का जल संकट दूर करने के लिए उन्होंने जल मंत्रालय की मांग रखी है।
आंध्र प्रदेश में 16 लोकसभा सीटें जीतने वाले चंद्रबाबू नायडू ने भी एनडीए को समर्थन देने के बदले कुछ मंत्रालय मांगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार चंद्रबाबू नायडू सहित जन सेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण ने पांच मंत्रालयों की मांग की है। इस लिस्ट में रोड, पंचायती राज, स्वास्थय और शिक्षा मंत्रालय शामिल है।
बिहार में पांच सीटें जीतने वाले चिराग पासवान ने भी एनडीए को समर्थन दिया है। खबरों के अनुसार चिराग ने भी कैबिनेट मंत्री का पद मांगा है। हालांकि चिराग पासवान ने इन खबरों से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वो सिर्फ मोदी को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं बाकी उन्हें कुछ नहीं चाहिए।
इसके अलावा खबरें तो ये भी हैं कि कर्नाटक के जेडीएस नेता एचडी कुमारास्वामी ने भी कृषि मंत्रालय की मांग रखी है। साथ ही बिहार की गया लोकसभा सीट पर जीतने वाले जीतन राम मांझी ने भी 1 मंत्रालय मांगा है। हालांकि इन खबरों की अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मंत्रालय की मांग करने वाले कुछ सहयोगी दलों को बीजेपी ने बड़े मंत्रालय देने से साफ इनकार कर दिया है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में भी बीजेपी ने रक्षा, विदेश, वित्त, कानून और गृह मंत्रालय अपने पास रखने की पेशकश की है। अब देखना दिलचस्प होगा एनडीए किसपर सहमति जताती है।