हिंदी न्यूज़/देश/…जब विधानसभा में CM पति को विधायक पत्नी ने घेरा, पूछे तीखे सवाल; मांगा 3 साल पुराने काम का हिसाब
देश
…जब विधानसभा में CM पति को विधायक पत्नी ने घेरा, पूछे तीखे सवाल; मांगा 3 साल पुराने काम का हिसाब
एनपीपी (NPP) विधायक मेहताब चांदी ए. संगमा ने प्रमुख पशुधन शिक्षा प्रोजेक्ट्स में देरी को लेकर मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से सवाल पूछे, इन प्रोजेक्ट्स को तीन साल पहले 2022 में कैबिनेट की ओर से मंजूरी दे दी गई थी.
लोकतंत्र में आपने अक्सर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखी होगी. लेकिन मेघालय विधानसभा में एक ऐसा नजारा दिखा, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा को विधानसभा में किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही विधायक पत्नी मेहताब चांदी ए. संगमा ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया.
एनपीपी (NPP) विधायक मेहताब चांदी ए. संगमा ने प्रमुख पशुधन शिक्षा प्रोजेक्ट्स में देरी को लेकर मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से सवाल पूछे, इन प्रोजेक्ट्स को तीन साल पहले 2022 में कैबिनेट की ओर से मंजूरी दे दी गई थी.
इस मुद्दे को उठाते हुए, गाम्बेग्रे की विधायक ने प्रस्तावित वेटरनरी कॉलेज, दो फिशरीज कॉलेज और एक डेयरी कॉलेज का स्टेट्स पूछा. उन्होंने राज्य भर के वेटरनरी ट्रेनिंग सेंटर में कर्मचारियों की कमी का मामला भी उठाया.
https://www.instagram.com/p/DVJJgX4jzEL/
उनके सवाल पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संस्थानों की कल्पना मेघालय के पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए की गई थी. उन्होंने कहा कि ये वे तीन कॉलेज थे, जिनका फैसला हमने तत्काल जरूरत को देखते हुए लिया था. यह फैसला यह ध्यान में रखते हुए लिया गया था कि राज्य की एक बड़ी आबादी पशुपालन पर निर्भर है.
वेटरनरी ट्रेनिंग सेंटर में कर्मचारियों की कमी को कबूल करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी पद खाली हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ भरा जाएगा.
डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में देरी के सवालों को पर सीएम संगमा ने कहा कि भूमि की पहचान और कितने कर्मचारी चाहिए, इसके अससेमेंट की वजह से समय लगा है. उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि प्रक्रिया में तेजी लाने की कोशिश की जाएगी.
लोकतंत्र में आपने अक्सर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखी होगी. लेकिन मेघालय विधानसभा में एक ऐसा नजारा दिखा, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा को विधानसभा में किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही विधायक पत्नी मेहताब चांदी ए. संगमा ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया.
एनपीपी (NPP) विधायक मेहताब चांदी ए. संगमा ने प्रमुख पशुधन शिक्षा प्रोजेक्ट्स में देरी को लेकर मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से सवाल पूछे, इन प्रोजेक्ट्स को तीन साल पहले 2022 में कैबिनेट की ओर से मंजूरी दे दी गई थी.
---विज्ञापन---
इस मुद्दे को उठाते हुए, गाम्बेग्रे की विधायक ने प्रस्तावित वेटरनरी कॉलेज, दो फिशरीज कॉलेज और एक डेयरी कॉलेज का स्टेट्स पूछा. उन्होंने राज्य भर के वेटरनरी ट्रेनिंग सेंटर में कर्मचारियों की कमी का मामला भी उठाया.
उनके सवाल पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संस्थानों की कल्पना मेघालय के पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए की गई थी. उन्होंने कहा कि ये वे तीन कॉलेज थे, जिनका फैसला हमने तत्काल जरूरत को देखते हुए लिया था. यह फैसला यह ध्यान में रखते हुए लिया गया था कि राज्य की एक बड़ी आबादी पशुपालन पर निर्भर है.
---विज्ञापन---
वेटरनरी ट्रेनिंग सेंटर में कर्मचारियों की कमी को कबूल करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने कहा कि जो भी पद खाली हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ भरा जाएगा.
डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने में देरी के सवालों को पर सीएम संगमा ने कहा कि भूमि की पहचान और कितने कर्मचारी चाहिए, इसके अससेमेंट की वजह से समय लगा है. उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि प्रक्रिया में तेजी लाने की कोशिश की जाएगी.