Sunday, 25 February, 2024

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क्यों दिल्ली में प्रदर्शन करने को मजबूर हैं दक्षिण भारत के किसान? तीन मुख्यमंत्री भी जंतर मंतर पर पहुंचे

Karnataka Kerala protest against Modi government: दक्षिण भारतीयराज्यों का कहना है कि केंद्र संविधान के नियमों के मुताबिक राज्य को पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं दे रहा है। वे फंड आवंटन के तरीके को बदलने की मांग कर रहे हैं।

Edited By : Shubham Singh | Updated: Feb 8, 2024 16:04
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Karnataka Kerala protesting in Delhi

Karnataka Kerala Tamil Nadu Telangana protesting in Delhi alleging discrimination in fund allocation: दक्षिण भारत के राज्य राजधानी दिल्ली में कथित भेदभाव को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें केरल, कर्नाटक, तमुलनाडु हैं। कर्नाटक सरकार दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है। राज्य की कांग्रेस सरकार का आरोप है कि उसे उसके हिस्से का पूरा पैसा नहीं मिल रहा है। 7 फरवरी को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन में राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मौजूद रहे। वहीं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पार्टी नेताओं के साथ जंतर-मंतर पर ‘वित्तीय अन्याय’ को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

डीएमके सांसदों ने भी संसद में तमिलनाडु के साथ ‘वित्तीय अन्याय’ को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी जंतर-मंतर पहुंचे, जहां केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन केरल के खिलाफ केंद्र के कथित भेदभाव के खिलाफ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं।

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कर्नाटक सीएम ने बताया शोषण

अब सवाल है कि क्या सच में दक्षिण भारतीय राज्यों के साथ भेदभाव हो रहा है। कर्नाटक का कहना है कि उसे टैक्स का पैसा नहीं मिल रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी ऐसा ही आरोप लगा चुकी हैं। कर्नाटक के सीएम का आरोप है कि राज्य से 100 रुपये केंद्र के पास जा रहा है तो उसमें से 12-13 रुपये ही मिल पा रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कर्नाटक के सीएम ने कहा कि यह अन्याय जानबूझकर किया गया है और चुप्पी साध ली गई है। कर्नाटक को प्रत्येक 100 रुपये पर मात्र 12 रुपये मिलना शोषण के अलावा कुछ नहीं है। कांग्रेस शासित तेलंगाना का भी आरोप है कि केंद्र सरकार उसके साथ फंड के बंटवारे में भेदभाव कर रही है।

क्या आरोप हैं कर्नाटक सरकार के

कर्नाटक सरकार का इशारा 15वें वित्त आयोग की तरफ है। इसमें जिन राज्यों में ज्यादा जनसंख्या बढ़ी है उन्हें अधिक पैसा मिलता है। कर्नाटक सरकार का कहना है कि 15वें वित्त आयोग की वजह से कर्नाटक को काफी नुकसान हुआ है। उसका कहना है कि इसकी रिपोर्ट के बाद हमारा शेयर 4.71 प्रतिशत से घटकर 3.64 प्रतिशत हो गया है। कर्नाटक सरकार का कहना है कि 14वें वित्त आयोग की तुलना में 15वें की रिपोर्ट के बाद उसे 22.5 प्रतिशत कम मिला है।

15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट जब आई थी तब राज्य की बीजेपी सरकार ने भी इससे आपना नुकसान होने की बात कही थी जिसके बाद वित्त आयोग ने कर्नाटक को लगभग 11 हजार करोड़ वन टाइम ग्रांट देनें की सिफारिश की थी। कर्नाटक सरकार के अनुमान के मुताबिक उसे 1.87 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। राज्य सरकार का कहना है कि जीएसटी की वजह से उसे करीब 62 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। राज्य सरकार ने सेस और सरचार्ज बढ़ाने से 55 हजार करोड़ के नुकसान की बात कही है।

क्या कहा केजरीवाल ने

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ईडी अब इनका एक नया हथियार है। अभी तक इस देश में कानून होता था कि किसी व्यक्ति पर दोष साबित होने के बाद ही उसे जेल भेजा जाता था, लेकिन अभी उन्होंने (बीजेपी) तय कर लिया है कि किसे जेल भेजना है तो उसे पकड़ लेते हैं और वो तब तक जेल में रहता है जब तक वह निर्दोष साबित नहीं होता। अभी उन्होंने हेमंत सोरेन को जेल में डाल दिया है जबकि अभी तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है। कल वे मुझे भी जेल में डाल सकते हैं, विजयन जी, स्टालिन साहब, सिद्धारमैया साहब को जेल में डालकर सरकार गिरा देंगे।

फंड को लेकर क्या कहा केजरीवाल ने

अरविंद केजरीवाल ने कहा, केंद्र सरकार सारे विपक्ष को प्रताड़ित करने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है। केंद्र सरकार विपक्ष की सरकारों को जायज फंड नहीं दे रही है जो उनका हक है, उपराज्यपाल और राज्यपाल के जरिए उनके कार्य में रोज टांग अड़ाती है और विपक्ष को पकड़ा जा रहा है और जेल भेजा रहा है।. अगर केरल के लोगों को उनके हक का फंड नहीं मिलेगा तो काम और सरकार कैसे चलेगी? हम सब अपनी जनता के हक के लिए फंड लेने आए हुए हैं। हमें फंड नहीं मिलेगा तो हम विकास कैसे करेंगे।

क्या कहा केंद्रीय मंत्री ने

वहीं इसपर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, वित्त मंत्री ने कल लोकसभा में सारे आंकड़े रखे। किसी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का तो यह सोचना है कि जब राज्य विकास करेंगे तभी देश विकास करेगा, तो हम भेदभाव कैसे कर सकते हैं। यह राजनीतिक आरोप हैं।

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First published on: Feb 08, 2024 04:00 PM

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