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Jagdeep Dhankhar: इतना आसान नहीं होगा राज्यसभा सभापति को उनके पद से हटाना! ये हैं नियम

Jagdeep Dhankhar: उच्च सदन में विपक्ष की कुल 103 सीटें हैं, यहां प्रस्ताव पारित करने के लिए 126 वोट चाहिए। इसके अलावा नियमों के अनुसार प्रस्ताव में न्यूनतम 50 सांसदों के साइन होने चाहिए।

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Jagdeep Dhankhar: इंडिया ब्लॉक ने उपराष्ट्रपति और राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया है। इससे पहले भी विपक्षी गुट सभापति पर पक्षपात करने का आरोप लगा चुके हैं। ये पहले बार है जब उच्च सदन के किसी सभापति के खिलाफ प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया गया है। इससे पहले सदन में केवल प्रधानमंत्री के अविस्वास प्रस्ताव पेश किए गए हैं।

आप सांसद संजय सिंह ने संसद में नोटिस की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि करीब 60 सांसदों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। कांग्रेस मीडिया सेल के प्रभारी जयराम रमेश ने भी इस बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट कर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी सभापति के खिलाफ प्रस्ताव लाना बेहद कष्टकारी निर्णय है, लेकिन संसदीय लोकतंत्र के हित में यह अभूतपूर्व कदम उठाना पड़ा है।

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ये हैं नियम

बता दें उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के सभापति होते हैं। संविधान के अनुच्छेद 67 में उपराष्ट्रपति की नियुक्ति और उन्हें पद से हटाने से जुड़े नियम हैं। जपानकारी के अनुसार अनुच्छेद 67(बी) में कहा गया है उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के एक प्रस्ताव जो सभी सदस्यों के बहुमत से पारित किया गया हो और लोकसभा द्वारा सहमति दी गई हो के जरिए पद से हटाया जा सकता है लेकिन इस प्रस्ताव को तब तक पेश नहीं किया जाएगा जब तक कम से कम 14 दिनों का नोटिस नहीं दिया गया हो।

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प्रस्ताव पारित करवाने के लिए चाहिए कुल 126 वोट 

जानकारी के अनुसार सदन में विपक्ष की कुल 103 सीटें ही हैं। यहां प्रस्ताव पारित करने के लिए 126 वोट चाहिए। इसके अलावा नियमों के अनुसार प्रस्ताव में न्यूनतम 50 सांसदों के साइन होने चाहिए। अब बता दें सदन में प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस तो पेश किया गया है, लेकिन इसमें 14 दिन के नियम का पालन नहीं किया गया है। जबकि संसद शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर को खत्म हो जाएगा।

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First published on: Dec 10, 2024 07:04 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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