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चंद्रयान-4 मिशन को लेकर इसरो की बड़ी कामयाबी, चंद्रमा से नमूने लेकर धरती पर लौटने की तैयारी

इसरो को चंद्रयान-4 मिशन में बड़ी सफलता मिली है. ये मिशन चंद्रमा की सतह से मिट्टी और पत्थरों के नमूने इकट्ठा कर उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाएगा. चंद्रयान-4 भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक अहम और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 9, 2026 08:40
ISRO Achieves Major Success with Chandrayaan-4
Credit: X

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने मिशन चंद्रयान-4 को लेकर एक बड़ी सफलता हासिल की है. इसरो ने चंद्रमा पर सुरक्षित लैंडिंग और वहां से मिट्टी और पत्थर के नमूने पृथ्वी पर लाने की दिशा में अहम तकनीकी टेस्ट पूरे कर लिए हैं. ये मिशन भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. चंद्रयान-4 भारत का पहला ऐसा मिशन होगा, जो चंद्रमा की सतह से सैंपल लेकर उन्हें सुरक्षित तरीके से धरती पर वापस लाएगा. इस मिशन का मकसद चंद्रमा की मिट्टी, चट्टानों और खनिजों का अध्ययन करना है, जिससे चंद्रमा की संरचना और उत्पत्ति को बेहतर तरीके से समझा जा सके.

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इसरो को मिली बड़ी तकनीकी सफलता

इसरो ने हाल ही में चंद्रयान-4 से जुड़ी अहम तकनीकों का सफल परीक्षण किया है. इनमें सटीक लैंडिंग, सैंपल इकट्ठा करने की प्रक्रिया और पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी से जुड़ी तकनीकें शामिल हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये सफल परीक्षण मिशन की सफलता की मजबूत नींव हैं. चंद्रयान-4 मिशन भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करेगा, जिन्होंने चंद्रमा से नमूने लाकर उनका अध्ययन किया है. इससे ना केवल भारत की अंतरिक्ष क्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य के चंद्र मिशनों की राह भी आसान होगी.

कब लॉन्च हो सकता है मिशन

इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-4 को 2027 के आसपास लॉन्च करने की योजना है. फिलहाल मिशन के डिजाइन, परीक्षण और तकनीकी तैयारियों पर काम तेजी से चल रहा है. मिशन में कई चरण होंगे, जिनमें चंद्रमा पर उतरना, सैंपल इकट्ठा करना और उन्हें पृथ्वी तक सुरक्षित पहुंचाना शामिल है. चंद्रयान-4 की सफलता भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में और मजबूत बनाएगी. इससे देश के वैज्ञानिकों की क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता को वैश्विक पहचान मिलेगी.

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First published on: Feb 09, 2026 07:27 AM

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