Kamikaze Drones Features: पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कामिकेज ड्रोन इस्तेमाल किए गए थे. इन ड्रोन ने 9 में से 7 आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए थे. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना के हमले का जवाब भी इसी ड्रोन से दिया गया था और इन्होंने पाकिस्तान में भारी तबाही मचाई थी. कामिकेज ड्रोन की घातक मारक क्षमता और टारगेट को साधने की सटीकता को देखते हुए भारतीय रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है.
A reconstructed Turkish Yiha kamikaze drone, neutralised by the Indian Army during Operation Sindoor, is displayed at an exhibition held to mark Vijay Diwas celebrations.
Source: PTI | #TurkishYiha #kamikazedrone #OperationSindoor #VijayDiwas #IndianArmy pic.twitter.com/d0wE4PAgMN---विज्ञापन---— CNBC-TV18 (@CNBCTV18News) December 15, 2025
पहली खेप में खरीदे जाएंगे 850 ड्रोन
रक्षा मंत्रालय भारतीय सेना के तीनों अंगों और स्पेशल फोर्सेज में 30000 कामिकेज ड्रोन शामिल करेगा. इसके लिए रक्षा मंत्रालय 2000 करोड़ के 850 कामिकेज ड्रोन की पहली खेप खरीदने जा रहा है. यह ड्रोन भारत में ही बनाए जा रहे हैं और इस महीने के आखिर में डेफेंस एक्विजन काउंसिल (DCA) की मीटिंग में डील फाइनल हो सकती है. भारत के पास खड़गा, नागास्त्र-1, ALS-50 कामिकेज ड्रोन हैं, वहीं ऑपरेशन सिंदूर में SkyStriker और इजरायल से खरीदे गए Harop ड्रोन इस्तेमाल किए गए थे.
हर बटालियन में होगी ड्रोन प्लाटून
रक्षा मंत्रालय की योजना के अनुसार, फास्ट-ट्रैक प्रोसेसिंग करते हुए स्वदेशी कामिकेज ड्रोन और उनके लॉन्चर खरीदे जाएंगे. तीनों सेनाओं की इन्फैंट्री बटालियन में कामिकेज ड्रोन की प्लाटून शामिल की जाएगी. कामिकेज ड्रोन को लोइटरिंग म्यूनिशन, सुसाइड ड्रोन, एक्सप्लोडिंग ड्रोन भी कहा जाता है, जिनमें विस्फोटक पेलोड भरा होता है. ये मानवरहित हवाई वाहन अपने लक्ष्य के ऊपर मंडराते हैं और दुश्मन के ठिकानों की सटीक पहचान करके अपने टारगेट से टकराकर खुद के साथ उन्हें तबाह कर देते हैं.
India’s MoD is set to approve a ₹2,000Cr deal for 850 indigenous kamikaze drones this month. 🇮🇳
— The Delhi Pulse (@TheDelhiPulse) December 20, 2025
Driven by the success of #OperationSindoor, the Army is shifting to drone-centric warfare, launching "Ashni" platoons for precision strikes. pic.twitter.com/OlXZQiTuUn
क्या है कामिकेज ड्रोन का मतलब?
कामिकेज शब्द जापान से लिया गया है, जिसमा मतलब तूफान है. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान की सेना कामिकेज ड्रोन की तरह ही थी. जापान की सेना के पायलटों को आत्मघाती हमले की ट्रेनिंग दी जाती थी और वे अपने प्लेन को दुश्मन के प्लेन से भिड़ाकर उसे तबाह कर देते थे और खुद का बलिदान भी दे देते थे. इसी तर्ज पर कामिकेज ड्रोन बनाए गए हैं और उनमें विस्फोटक पदार्थ भरकर उन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि वे अपने टारगेट से टकराकर खुद का बलिदान देते हैं और दुश्मन का खात्मा भी कर देते हैं.
कामिकेज ड्रोन की विशेषताएं
1. DRDO वर्तमान में 1000 किलोमीअर रेंज वाले कामिकेज ड्रोन बना रहा है, जिन्हें खरीदने की प्लानिंग है.
2. भारत के ALS-50 (TATA) कामिकेज ड्रोन की रेंज 50 किलोमीटर है और यह वर्टिकल टेकऑफ करते हैं.
3. Nagastra-1 भी भारत का स्वदेशी ड्रोन है, जिसमें 1 किलो विस्फोटक पदार्थ और GPS सिस्टम है.
4. दुश्मन के छिप जाने पर भी कामिकेज ड्रोन 30 से 40 मिनट तक अपने टारगेट के ऊपर मंडरा सकते हैं.
5. हाई-रेजोल्यूशन कैमरs, थर्मल सेंसर और GPS सिस्टम के चलते कामिकेज ड्रोन सटीक निशाना लगाते हैं.
6. कामिकेज ड्रोन मानवयुक्त प्लेन से सस्ते और ज्यादा घातक होने के साथ-साथ टैंक, बंकर को नष्ट करने में सक्षम हैं.
7. साइज छोटा होने के कारण बैकपैक में पोर्टेबल और आसानी से लॉन्च होते हैं और रडार में भी नहीं आते.










