Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
Read More---विज्ञापन---
Colonel Manpreet Singh Kirti Chakra : भारतीय सेना के शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह को देश की आजादी की 68वीं सालगिरह की पूर्वसंध्या पर पर मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। कर्नल सिंह पिछले साल सितंबर में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। सरकार ने कर्नल सिंह के साथ रायफलमैन रवि कुमार और मेजर एम नायडू को भी मरणोपरंत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है।
ये भी पढ़ें: जिसे चाहिए था अलग देश, मरते वक्त मिली थी खटारा एंबुलेंस
ये भी पढ़ें: तिरंगा फहराने से लेकर हटाने तक, जान लीजिए अहम नियम
कर्नल मनप्रीत सिंह जब शहीद हुए थे तब वह 19 राष्ट्रीय रायफल्स बटालियन का नेतृत्व कर रहे थे। इस बटालियन के साथ उनका कार्यकाल पूरा होने में केवल 4 महीने का समय बचा था। पंजाब में चंडीगढ़ के पास स्थित भरोंजियां गांव के रहने वाले कर्नल मनप्रीत सिंह अपने पीछे अपनी पत्नी जगमीत गिरेवाल और 2 बच्चों को छोड़ गए हैं। जगमीत हरियाणा शिक्षा विभाग में इकोनॉमिक्स की लेक्चरर हैं। उनके बेटे की उम्र छह साल और बेटी की उम्र 2 साल है।
Colonel Manpreet Singh martyred last year in a fierce gun battle with terrorists in the forests surrounding Gadool village located in Jammu and Kashmir’s Anantnag district.
His Son Still Sends Voice Messages To Him.
One terrorist life for every blood drop shed of our soldiers. pic.twitter.com/8txfaNXpdH
— Squint Neon (@TheSquind) June 19, 2024
जिस मुठभेड़ में कर्नल सिंह शहीद हुए थे वह अनंतनाग के कोकरनाग इलाके में हुई थी। इस दौरान आतंकियों के साथ हुए सशस्त्र टक्कर में राष्ट्रीय रायफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल सिंह, इसी बटालियन के मेजदर आशीष धौंचक और जम्मू-कश्मीर पुलिस में डिप्टी सुपरिटेंडेंट हुमायूं मुजामिल भट बलिदान हो गए थे। बता दें कि सेना के अधिकारी इलाके में खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों की तलाश कर रही सेना की टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे थे।
ये भी पढ़ें: 15 अगस्त को बदला रहेगा दिल्ली मेट्रो का शेड्यूल, जानें रूटीन
ये भी पढ़ें: ध्वजारोहण, झंडा फहराना नहीं; जान लें दोनों में क्या है अंतर?
ऑपरेशन के दौरान जैसे ही वो एक इमारत के ऊपर चढ़े, वहां छिपे बैठे आतंकियों ने उन पर खुली गोलीबारी कर दी। घटना में कर्नल सिंह मौके पर ही शहीद हो गए थे। जबकि अन्य दो अधिकारी गोलियां लगने से घायल हो गए थे। उन्हें एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के एक अस्पताल में पहुंचाया गया था। लेकिन, इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया था। भारतीय सेना में लगभग 17 साल सेवा देने वाले मनप्रीत सिंह के पिता का निधन हो चुका है और मां चंडीगढ़ में रहती हैं।
ये भी पढ़ें: इन चार फिल्मों ने सुनाईं देश के बहादुरों की अनसुनी कहानियां
ये भी पढ़ें: आजादी के मौके पर बनाइए तिरंगा स्पेशल डिशेज, 5 रेसिपीज
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।