DGMO ने रोका भारत-पाकिस्तान का युद्ध, जानिए कौन होते हैं ये ऑफिसर

Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर यानी युद्धविराम पर सहमति बन गई है। इसके बाद से भारत के DGMO चर्चा में हैं। सभी यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिरकार यह कौन होते हैं। जिनकी वजह से सीजफायर हो पाया है।

India Pakistan ceasefire, operation sindoor, DGMO

DGMO Rajiv Ghai

विज्ञापन

Operation Sindoor: भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले करीब 4 दिन से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी। शनिवार शाम करीब 5 बजे सीजफायर होने से गोलीबारी पर ब्रेक लग गया है। दोनों देशों के DGMO में बातचीत के (Director General of Military Operations) बाद यह संभव हो पाया है। ऐसे में अब यह जानना जरूरी है कि DGMO कौन होते हैं, उनका क्या काम होता है और युद्ध जैसी स्थिति बनने पर उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।

अब जानिए कौन होते हैं DGMO

Director General of Military Operations (DGMO) यानी महानिदेशक सैन्य अभियोजन भारतीय सेना का एक उच्च पद होता है, जो सभी सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी संभालता है। इस समय भारत के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई हैं। बताया जाता है कि बार्डर पर तैनात सैनिकों से लेकर युद्ध क्षेत्र में चल रहे सभी अभियानों की कमान और दिशा-निर्देश इन्हीं के हाथों में होते हैं। किसी भी सैन्य संघर्ष की स्थिति में DGMO ही वो अधिकारी होते हैं जो सबसे पहले जंग की रणनीति तय करते हैं।

विज्ञापन

सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी DGMO के पास

बताया जाता है कि DGMO का काम सिर्फ जमीनी स्तर की कमान तक सीमित नहीं होता है। DGMO आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा प्रबंधन और शांति स्थापना जैसे मिशनों के लिए रणनीति भी बनाते हैं। DGMO सेना की तीनों शाखाएं थल सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ आपसी समन्वय के साथ काम करते हैं। वे सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया तंत्र के बीच भी एक पुल का कार्य करते हैं।

RAW, IB और NIA के साथ भी होता हैं संवाद

DGMO के पास सारी सैन्य और खुफिया जानकारियां सबसे पहले पहुंचती हैं। इन सूचनाओं के आधार पर ही वे योजना बनाते हैं और आगे की रणनीति तय करते हैं। इसके लिए उन्हें RAW (Research and Analysis Wing), IB (Intelligence Bureau) और NIA (National Investigation Agency) जैसी एजेंसियों के साथ निरंतर संपर्क में रहना होता है। इसके अलावा PMO और Defence of ministry के उच्च अधिकारियों को भी समय-समय पर उनकी रिपोर्ट दी जाती है।

पाकिस्तानी सेना में DGMO कौन होता है?

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान में DGMO मेजर जनरल रैंक का एक सीनियर अफसर होता है। बताया जाता है कि पाकिस्तान में लेफ्टिनेंट जनरल को भी DGMO बनाया जाता है। पाकिस्‍तान का DGMO सैन्य ऑपरेशंस की प्लानिंग करता है और सेना प्रमुख को रिपोर्ट करता है। इसका काम भी LOC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सैन्य गतिविधियों को संभालना होता है। इनकी पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी से ट्रेनिंग जरूरी है। पाकिस्‍तान के DGMO का चुनाव भी सेना प्रमुख और जनरल हेडक्वार्टर्स मिलकर चुनते हैं।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Md Junaid Akhtar

Md Junaid Akhtar

युवा पत्रकार मोहम्मद जुनेद अख्तर करीब 12 साल से मीडिया में काम कर रहे हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2013 में ‘अमर उजाला’ गाजियाबाद से की थी। यहां इन्होंने अखबार में करीब एक साल तक रेलवे, कलेक्ट्रेट और आरडब्ल्यूए जैसी बीट पर काम किया। इसके बाद इन्होंने 2014 में ‘नवोदय टाइम्स‘ के लिए रेलवे, स्पोर्ट्स और एजुकेशन की बीट कवर कीं। करीब एक साल बाद 2015 में इनका ट्रांसफर गाजियाबाद से दिल्ली हो गया। दिल्ली में इन्होंने अल्पसंख्यकों के मुद्दों के साथ जंतर-मंतर पर कई बड़े धरने-प्रदर्शन कवर किए। वर्ष 2016 में इनका ट्रांसफर दिल्ली से नोएडा हो गया। नोएडा में इन्होंने क्राइम बीट पर लगातार करीब तीन साल काम तक किया। इसके बाद 2020 में लॉकडाउन के दौरान इन्हें क्राइम के अलावा गौतमबुद्ध नगर के तीनों प्राधिकरण और दूसरी बीट भी कवर करने का मौका मिला। जुनेद अख्तर ने साल 2024 (जनवरी) में ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। इस दौरान इन्होंने ‘उत्तर प्रदेश टाइम्स’ की नोएडा डिजिटल साइट ट्राइसिटी टुडे में भी काम किया। इस बीच 27 फरवरी 2025 को जुनेद अख्तर ने न्यूज 24 डिजिटल टीम को जॉइन कर लिया। यहां जुनेद अख्तर बतौर सब एडिटर काम कर रहे हैं। जुनेद यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखते हैं। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की खबरों पर भी नजर रखते हैं।
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ