Cyclone Michaung Name: भारतीय मौसम विभाग ने दक्षिण आंध्र प्रदेश और निकटवर्ती उत्तरी तमिलनाडु तट के जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। चक्रवाती तूफान ‘मिचौंग’ के पूर्वानुमान के बीच चेन्नई में पहली बार डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम तैनात कर दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 दिसंबर की शाम के आसपास आंध्र प्रदेश में चेन्नई और मछलीपट्टनम के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश और निकटवर्ती उत्तरी तमिलनाडु तट को पार करने वाले चक्रवाती तूफान की भविष्यवाणी की है। आखिर इस तूफान का नाम मिचौंग क्यों रखा गया है? आइए जानते हैं…
म्यांमार के सुझाव पर रखा गया है मिचौंग का नाम
दरअसल, मिचौंग का नाम म्यांमार के सुझाव पर रखा गया है। जो दृढ़ता और सामर्थ्य को दर्शाता है। यह हिंद महासागर में छठा और बंगाल की खाड़ी में चौथा चक्रवात है। नामों की लिस्ट विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) द्वारा प्रबंधित की जाती है। चक्रवात के कारण अधिकतम 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है। यह बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके चलते बंगाल की दक्षिण पश्चिम खाड़ी के ऊपर दबाव का क्षेत्र 3 दिसंबर को चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इससे दक्षिण के दो राज्य तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश पर खतरा मंडरा रहा है। मिचौंग के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। जबकि मछुआरों को समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।
https://twitter.com/scorpio_mirmaid/status/1730953719246897505
चेन्नई के पुलिस आयुक्त संदीप राय राठौड़ के अनुसार, हम चक्रवात के चेन्नई के तट के करीब आने की उम्मीद कर रहे हैं, हमने कई टीमों को तैनात किया है। चेन्नई में 12 जिले हैं और प्रत्येक जिले के लिए हमारे पास प्रशिक्षित टीम है। उनके पास नाव, लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित कर्मियों सहित विशेष उपकरण हैं। ये कर्मी फंसे हुए स्थानों के अंदर जा सकते हैं और लोगों को बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि चेन्नई पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवान भी ड्यूटी पर हैं। इसके अलावा, लगभग 18,000 चेन्नई पुलिस कर्मी चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। ट्रैफिक वार्डन और होम गार्ड के साथ लगभग 3000 ट्रैफिक पुलिस कर्मी ड्यूटी पर हैं।”
https://twitter.com/Gulab05533849/status/1730862047473356872
पहली बार एक पुलिस अस्पताल भी शुरू किया जा रहा है। ये टीमें किसी भी आवश्यकता के मामले में उपलब्ध रहेंगी। इस तैयारी के साथ प्रशासन को यकीन है कि किसी भी तरह की स्थिति का जवाब देने में सक्षम होंगे। अंत में उन्होंने कहा, “हम उन एम्बुलेंसों के लिए एक समर्पित ग्रीन कॉरिडोर भी शुरू कर रहे हैं, जिन्हें तत्काल आवाजाही की आवश्यकता है।”
आईएमडी ने आगे कहा कि 3 दिसंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। यह 2 दिसंबर तक एक गहरे दबाव में बदल जाएगा और 3 दिसंबर के आसपास बंगाल की दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में बदलेगा।
इसके बाद, यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और दक्षिण आंध्र प्रदेश और आसपास को पार करेगा। आईएमडी ने आगे कहा, 4 दिसंबर की शाम के आसपास चेन्नई और मछलीपट्टनम के बीच उत्तरी तमिलनाडु तट एक चक्रवाती तूफान के रूप में सामने आ सकता है। इस बीच तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में भारी बारिश हो रही है। अधिकारियों ने नागपट्टिनम बंदरगाह सहित पांच बंदरगाहों पर ‘चक्रवात चेतावनी पिंजरा नंबर 1’ फहराया है।
तूफानों का नामकरण करने के लिए कई देशों का समूह बना हुआ है। उत्तरी हिंद महासागर में आने वाले तूफानों के लिए भारत समेत 13 देशों का समूह काम करता है। इस ग्रुप में से हर देश अपनी बारी पर तूफान का नाम अनाउंस करता है। इन 13 देशों में भारत के अलावा बांग्लादेश, मालदीव, थाइलैंड, श्रीलंका, ईरान, कतर, पाकिस्तान, म्यांमार, ओमान, सऊदी अरब, यूएई और यमन शामिल हैं।