जम्मू-कश्मीर के कठुआ में फिर आतंकियों और सुरक्षाबलों में मुठभेड़ शुरू हो गई है। लगातार तीन दिन से इलाके के जूंथाना गांव में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सेना लगातार आतंकियों की धरपकड़ के लिए इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। 3 दिन में 2 आतंकी मारे गए हैं। वहीं, 4 जवान शहीद हुए हैं, सुरक्षाबलों को मौके से हथियारों का जखीरा मिला है। सूत्रों के अनुसार आतंकी इसी गांव के जंगल में बनी गुफाओं में दो अलग-अलग समूह में छिपे हैं। जुथाना इलाके के सुफैन गांव के पास मुठभेड़ चल रही है।
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कठुआ जिले में 27 मार्च से आतंकियों की तलाश में सेना का सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है। सूत्रों के मुताबिक सेना को 9 आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। एनकाउंटर में 3 जवान घायल हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात के अनुसार जब तक सभी आतंकियों का खात्मा नहीं हो जाता, ऑपरेशन जारी रहेगा। इलाके में जवानों की तैनाती को बढ़ाया गया है। 28 मार्च को ऑपरेशनल ग्रुप (SOG) के जवान तारिक अहमद, जसवंत सिंह, जगबीर सिंह और बलविंदर सिंह शहीद हुए हैं।
KATHUA ENCOUNTER DAY 3 सर्च एंड ऑपरेशन के दौरान एक बार फिर फायरिंग शुरू।#JammuAndKashmir #kashmir #Encounter #Kathua pic.twitter.com/nY72laf9ja
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पहले बच निकले थे ये आतंकी
DSP धीरज सिंह समेत तीन जवानों को गोलियां लगी हैं। उनको इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। वहीं, घायलों का हालचाल जानने के लिए डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी जम्मू मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक छिपे आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के प्रॉक्सी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट से जुड़े हैं। शहीदों के शव उनके परिजनों को सौंपने से पहले कठुआ पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गई। 23 मार्च को भी हीरानगर सेक्टर में मुठभेड़ हुई थी। आतंकियों के एक गुट को सेना ने घेर लिया था, लेकिन सभी आतंकी बच निकले थे। माना जा रहा है कि ये आतंकी वही हैं, जो सान्याल से निकलकर जखोले गांव के पास देखे गए थे। ये इलाका हीरानगर सेक्टर से लगभग 30 किलोमीटर दूर है।
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