कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली पुलिस ने आज तीनों को दिल्ली कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया और मजिस्ट्रेट ने तीनों को छोड़ने का आदेश जारी कर दिया. तीनों को एक साल तक शांति भंग नहीं करने और 50-50 हजार का बॉन्ड भरने की शर्त पर रिहा किया गया है. दरअसल, CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने आज सुबह अपने X हैंडल पर ट्वीट करके बताया था कि आज तीनों को दिल्ली कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया जाएगा. इस दौरान वे खुद मौके पर मौजूद रहेंगी और CJP की ओर से केस लड़ रहे अन्य वकील भी पहुंचेंगे.
CJP नेताओं पर शांति भंग करने का आरोप
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, अभिजीत दिपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका को प्रिवेंटिव अरेस्ट में रखा गया है और तीनों पर शांति भंग करने का आरोप है. इसलिए दिल्ली पुलिस ने धारा 107/51 यानी शांति भंग करने की आशंका के चलते तीनों को प्रिवेंटिव अरेस्ट किया है. प्रिवेंटिव अरेस्ट कानूनी रूप से दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि इसके तहत क्राइम होने की आशंका से हिरासत में लिया जाता है, ताकि संभावित अपराध को टाला जा सके या होने से रोका जा सके. अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है ओर न ही स्पेशल एक्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट का न्यायपालिका से कोई संबंध है.
दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था तीनों को
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर आह्वान किया था. विरोध प्रदर्शन CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था, जिसके लिए अभिजीत दीपके अपने साथियों आशुतोष रांका और सौरव दास के साथ मुंबई से फ्लाइट में दिल्ली पहुंचे. लेकिन दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट पर फ्लाइट के लैंड होते ही तीनों को हिरासत में ले लिया. खास बात यह रही कि दिल्ली पुलिस ने तीनों को विमान से उतरने नहीं दिया, बल्कि विमान के अंदर जाकर ही तीनों को हिरासत में लिया और उन्हें लेकर एयरपोर्ट से निकल गई. इसके बाद आज सुबह तक तीनों का कोई अता-पता नहीं था. न दिल्ली पुलिस ने उनके डिटेन सेंटर की लोकेशन बताई, न परिजनों से और न ही वकीलों से संपर्क करने दिया.