भारतीय तटरक्षक बल ने एक खुफिया इनपुट मिलने के बाद अरब सागर में तस्करों के खिलाफ बड़ा ऑपेरशन चलाया। इसके बाद एक बड़ा नेटवर्क जो कई देशों के साथ मिलकर तस्करी में लगा हुआ था, उसे जहाज सहित पकड़ लिया गया। बता दें कि तस्करी में शामिल जहाजों ने युद्ध में शामिल देशों से बड़ी तादाद में सस्ते तेल और तेल आधारित कार्गो की तस्करी करने और अंतरराष्ट्रीय समुंद्री इलाको में मोटर टैंकरों के जरिए रोजाना लाखों रुपये की कमाई का जरिया बना लिया गया था।
तस्करी से रोजाना कितनी कमाई होती थी इसकी जांच चल रही है। इंडियन कोस्ट गार्ड के कमांडेंट अमित उनियाल ने न्यूज 24 से जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस सिंडिकेट में कई देश शामिल है। यह नेटवर्क अरब सागर में पूरा एक्टिव होकर तस्करी के साथ ही तेलों की बिक्री भी समुंदर में ही कर लेता था। इंडियन कोस्ट गार्ड के सूत्रों ने न्यूज 24 को बताया कि मुंबई से लगभग 100 समुद्री किमी वेस्ट इलाके में इंडियन कोस्ट गार्ड ने तीन जहाजों को संदिग्ध हालात में पकड़ा है। जिसमे संदिग्ध जहाजों पर इलेक्ट्रॉनिक डेटा की पुष्टि और दस्तावेजों के सत्यापन और चालक दल से पूछताछ के बाद, आईसीजी विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम ने घटनाओं की पूरी जांच करके इन्हें गिरफतार कर लिया है।
यह भी पढ़ें: मेक इन इंडिया की बड़ी उपलब्धि: इंडियन कोस्ट गार्ड को मिला ‘समुद्र प्रताप’
इंडियन कोस्ट गार्ड ने एक मोटर टैंकर का भी पता लगाया, जो भारतीय आर्थिक क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधि कर रहा थ। जहाज की गतिविधियों की डिजिटल जांच शुरू हो गई। आईसीजी ने जहाज पर बंद होने वाले दूसरे जहाजों के डेटा पैटर्न की भी जांच की। संभावित संदिग्धों में शामिल दो और जहाजों को पकड़ा है, जो लाखों रुपए की टैक्स चोरी में शामिल था।
आपको बता दें कि जैसे ही संदिग्ध जहाजों के बारे में कोस्ट गार्ड को पता चला, आईसीजी विशेषज्ञ टीमें इन जहाजों पर चढ़ गईं। डिजिटल साक्ष्य की सटीकता की पुष्टि की, जिससे जहाजों को पकड़ लिया गया। आगे की जांच के लिए जहाजों को मुंबई ले जाने और आगे की कार्रवाई के लिए भारतीय सीमा शुल्क और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपने की तैयारी है। तटीय राज्यों के प्रवर्तन से बचने के लिए जहाजों को बार-बार पहचान बदलते हुए पाया गया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक जहाज के मालिक दूसरे देशों में रहते है,अभी जांच जारी है इसलिए देश के नाम नहीं बताए गए है।
यह भी पढ़ें: समुद्र में बढ़ी इंडियन कॉस्ट गार्ड की ताकत, बेड़े में शामिल हुआ ‘अचल ‘, जानें क्या है खासियत
भारतीय तटरक्षक बल ने एक खुफिया इनपुट मिलने के बाद अरब सागर में तस्करों के खिलाफ बड़ा ऑपेरशन चलाया। इसके बाद एक बड़ा नेटवर्क जो कई देशों के साथ मिलकर तस्करी में लगा हुआ था, उसे जहाज सहित पकड़ लिया गया। बता दें कि तस्करी में शामिल जहाजों ने युद्ध में शामिल देशों से बड़ी तादाद में सस्ते तेल और तेल आधारित कार्गो की तस्करी करने और अंतरराष्ट्रीय समुंद्री इलाको में मोटर टैंकरों के जरिए रोजाना लाखों रुपये की कमाई का जरिया बना लिया गया था।
तस्करी से रोजाना कितनी कमाई होती थी इसकी जांच चल रही है। इंडियन कोस्ट गार्ड के कमांडेंट अमित उनियाल ने न्यूज 24 से जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस सिंडिकेट में कई देश शामिल है। यह नेटवर्क अरब सागर में पूरा एक्टिव होकर तस्करी के साथ ही तेलों की बिक्री भी समुंदर में ही कर लेता था। इंडियन कोस्ट गार्ड के सूत्रों ने न्यूज 24 को बताया कि मुंबई से लगभग 100 समुद्री किमी वेस्ट इलाके में इंडियन कोस्ट गार्ड ने तीन जहाजों को संदिग्ध हालात में पकड़ा है। जिसमे संदिग्ध जहाजों पर इलेक्ट्रॉनिक डेटा की पुष्टि और दस्तावेजों के सत्यापन और चालक दल से पूछताछ के बाद, आईसीजी विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम ने घटनाओं की पूरी जांच करके इन्हें गिरफतार कर लिया है।
यह भी पढ़ें: मेक इन इंडिया की बड़ी उपलब्धि: इंडियन कोस्ट गार्ड को मिला ‘समुद्र प्रताप’
इंडियन कोस्ट गार्ड ने एक मोटर टैंकर का भी पता लगाया, जो भारतीय आर्थिक क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधि कर रहा थ। जहाज की गतिविधियों की डिजिटल जांच शुरू हो गई। आईसीजी ने जहाज पर बंद होने वाले दूसरे जहाजों के डेटा पैटर्न की भी जांच की। संभावित संदिग्धों में शामिल दो और जहाजों को पकड़ा है, जो लाखों रुपए की टैक्स चोरी में शामिल था।
आपको बता दें कि जैसे ही संदिग्ध जहाजों के बारे में कोस्ट गार्ड को पता चला, आईसीजी विशेषज्ञ टीमें इन जहाजों पर चढ़ गईं। डिजिटल साक्ष्य की सटीकता की पुष्टि की, जिससे जहाजों को पकड़ लिया गया। आगे की जांच के लिए जहाजों को मुंबई ले जाने और आगे की कार्रवाई के लिए भारतीय सीमा शुल्क और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंपने की तैयारी है। तटीय राज्यों के प्रवर्तन से बचने के लिए जहाजों को बार-बार पहचान बदलते हुए पाया गया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक जहाज के मालिक दूसरे देशों में रहते है,अभी जांच जारी है इसलिए देश के नाम नहीं बताए गए है।
यह भी पढ़ें: समुद्र में बढ़ी इंडियन कॉस्ट गार्ड की ताकत, बेड़े में शामिल हुआ ‘अचल ‘, जानें क्या है खासियत