High Court Verdict on Marriage Registration: वीजा एप्लिकेशन खारिज किए जाने के खिलाफ दर्ज याचिका का निपटारा करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मैरिज रजिस्ट्रेशन और शादी अवैध है या नहीं, इससे जुड़ा मुद्दा था, जिस पर 2 जजों की बेंच में अहम टिप्पणियां कीं और लोगों को इस केस के जरिए अहम जानकारी दी।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की खंडपीठ ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी को केवल इसलिए अवैध नहीं कह सकते, क्योंकि पति या पत्नी दोनों में से कोई भी 30 दिन तक उस जिले में नहीं रहा, जहां मैरिज रजिस्ट्रेशन हुआ था।
विशेष विवाह अधिनियम 1954 के तहत कानूनन मान्य विवाह को सिर्फ इसलिए अवैध या शून्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि पति-पत्नी में से किसी ने अधिनियम की धारा 5 का पालन नहीं किया है, जिसके तहत उनमें से एक को उस जिले में 30 दिन तक रहना अनिवार्य है, जहां उन्होंने अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराया है।
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मैरिज रजिस्ट्रेशन शादी होने का निर्णायक सबूत
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, केस में फैसला 28 फरवरी दिन शुक्रवार को सुनाया गया। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत मैरिज रजिस्ट्रार द्वारा एक बार मैरिज सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है तो वह मैरिज होने का सबूत बन जाता है, जब तक इसे अदालत द्वारा रद्द नहीं कर दिया जाता। अगर मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी शर्तें पूरी हैं तो यह अनिवार्य नहीं कि पति-पत्नी दोनों में से कोई शादी के बाद 30 दिन तक उस शहर में रहे, जहां रजिस्ट्रेशन हुआ है।
ऐसा न करना शादी को अमान्य करार देने का कारण नहीं हो सकता है। किसी भी शादी को अवैध करार देने के कारण एक्ट की धारा 24 में वर्णित हैं और इस मामले में धारा 24 के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ है, इसलिए इस शादी को अवैध करार नहीं दिया जा सकता। कानून किसी भी व्यक्ति या अधिकारी को रजिस्ट्रार द्वारा जारी किए गए मैरिज रजिस्ट्रेशन को खारिज करने या उसे अप्रभावी करार देने की अनुमति नहीं देता।
जर्मन दूतावास ने खारिज किया था वीजा आवेदन
रिपोर्ट के अनुसार, दायर याचिका में जर्मन दूतावास के आदेश को चुनौती दी गई थी। 8 जनवरी 2025 को एक आदेश जारी करके जर्मन दूतावास ने प्रियंका बनर्जी की वीजा एप्लिकेशन खारिज कर दी थी। प्रियंका की शादी राहुल वर्मा के साथ 23 नवंबर 2023 को हुई थी और शादी होने के बाद जर्मनी जाने के लिए वीजा एप्लिकेशन दी थी, लेकिन जर्मन दूतावास ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता प्रियंका बनर्जी और राहुल वर्मा की शादी को वैध नहीं माना जा सकता है, क्योंकि वे अधिनियम की धारा 5 का पालन करने में विफल रहे हैं।
उनमें से कोई भी संबंधित जिले में नहीं रहता था, जहां उनकी शादी रजिस्टर्ड थी। इस मुद्दे पर विचार करते हुए न्यायाधीशों ने कहा कि अधिनियम की धारा 13 में मैरिज सर्टिफिकेट का प्रावधान है, जिसके अनुसार जब विवाह संपन्न हो जाता है तो उसे मैरिज सर्टिफिकेट बुक में दर्ज करके एक सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। इस दौरान रिकॉर्ड दर्ज करते समय फैमिली और 3 अन्य गवाहों द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।
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