BJP National President Election: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है. आज शुक्रवार को न सिर्फ चुनाव की अधिसूचना जारी की गई, बल्कि निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल कॉलेज) की सूची का प्रकाशन भी कर दिया गया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस चुनाव में नितिन नबीन एकमात्र उम्मीदवार होंगे और वे 19 जनवरी को सिंगल नॉमिनेशन दाखिल करेंगे. ऐसे में उनका अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है.
2 दिन ऐसे चलेगी चुनाव प्रक्रिया
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे. 4 से 5 बजे के बीच नामांकन पत्रों की जांच होगी. 5 से 6 बजे तक नाम वापस लेने का समय निर्धारित किया गया है. चूंकि केवल एक ही नामांकन दाखिल होने की संभावना है, ऐसे में औपचारिक प्रक्रिया पूरी होते ही उम्मीदवार का निर्विरोध चुनाव तय माना जा रहा है. 20 जनवरी को सुबह 11:30 बजे नए अध्यक्ष का औपचारिक ऐलान होगा.
5708 सदस्यों का निर्वाचक मंडल
राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए तैयार की गई निर्वाचक मंडल सूची में कुल 5708 मतदाताओं को शामिल किया गया है. यह सूची देश के 30 राज्यों से तैयार की गई है, जहां संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. निर्वाचक मंडल में राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषद के सदस्यों के नाम शामिल हैं. नेशनल काउंसिल में संसदीय दल से 35 नेताओं को शामिल किया गया है. इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं.
BJP announces schedule for election of national president; nominations to be filed on Monday, announcement of results on Tuesday, January 20 @IndianExpress pic.twitter.com/S8y5i0osRI
— Jatin Anand (@JatinPaul) January 16, 2026
कुछ राज्यों के नाम सूची से बाहर
प्रकाशित निर्वाचक मंडल सूची में BJP के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी का नाम शामिल नहीं है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली, हरियाणा, त्रिपुरा और कर्नाटक जैसे राज्यों में अब तक संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, जिसके चलते इन राज्यों के प्रतिनिधियों को फिलहाल निर्वाचक मंडल में शामिल नहीं किया गया है. BJP के भीतर इसे नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है, जहां संगठनात्मक सहमति के साथ नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगनी तय मानी जा रही है.










