सांपों के साथ खेलता है बिहार का 'स्नेकमैन', 5000 से ज्यादा कर चुका है रेस्क्यू

Bihar Snake Rescue Ramanujan: सांपों को देखते ही कई लोग उसे मौत के घाट उतार देते हैं। मगर बिहार में मौजूद एक शख्स न सिर्फ सांपों को ‘बाबू’ बोलता है बल्कि उन्हें रेस्क्यू करके सुरक्षित जंगलों में छोड़ देता है। आइए जानते हैं रामानुजन पासवान के बारे में…

Bihar Snake Rescue
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Snake Rescue in Bihar:(जीवेश तरुण) सांपों को देखते ही लोग अक्सर डर से थर-थर कांपने लगते हैं। कई लोग सांप दिखते ही उसे मार डालते हैं। मगर बिहार के रहने वाले रामानुजन पासवान सांपों को ‘बाबू’ कहकर बुलाते हैं। सांप उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। रामानुजन सांपों को ऐसे पकड़ते हैं, जैसे कोई रस्सी से खेल रहा हो। हाल ही में बेगूसराय से उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो सांप का रेस्क्यू करते दिखाई दे रहे हैं। रामानुजन ने अब तक 5000 से ज्यादा सांपों की जिंदगी बचाई है। यह संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

1 महीने में 25 सांपों को बचाया

दरअसल पिछले दिनों भारी बारिश के कारण बिहार के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए थे। बेगूसराय भी इनमें से एक है। बाढ़ के चलते बेगूसराय के कई घरों में एक के बाद एक सांप निकल रहे थे। ऐसे में रामानुजन ने 6 रसेल वाइपर समेत 15 सांपों को रेस्क्यू किया है। उन्होंने सभी सांपों को वन विभाग को सौंप दिया और उन सांपों को जंगल में वापस छोड़ दिया गया। बेगूसराय समेत अलग-अलग जगहों से रामानुजन ने 25 सांपों को बचाया है। इसी के साथ वो अब तक 5 हजार से ज्यादा सांपों को बचाकर सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके हैं।

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बाढ़ से बढ़े सांप

रामानुजन पासवान का कहना है कि पर्यावरण के लिए सांपों का रहना आवश्यक है। इसलिए वो सांपों को पकड़ कर वन विभाग को सौंपते हैं और फिर उसे जंगल में छोड़ देते हैं। पिछले महीने बेगूसराय के कई इलाकों में गंगा में जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ आ गई थी। इस बाढ़ से बलिया के शिव नगर, बहादुर नगर और शाहपुर गांव में एक महीने के अंदर करीब 25 निकले हैं। इन्हें रेस्क्यू करके रामानुजन ने वन विभाग को सौंपा और उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया।

जहरीले सांपों को किया रेस्क्यू

रामानुजन पासवान ने कहा कि बाढ़ की वजह से इस बार दुनिया के खतरनाक सांपों में शामिल रसेल वाइपर, गोल्डन किट वाइपर और कोबरा समेत 25 सांपों को एक महीने के अंदर तीन गांव से रेस्क्यू किया है। रामानुजन ने बताया कि बचपन में एक बार उनके आंगन में एक सांप था और कौवों ने उसे घेरे रखा था। तभी उन्होंने शीशे के गैलन से सांप को ढक दिया था, जिसके बाद से उनका हौसला बढ़ा और अब तक वह करीब 5000 सांपों को उन्होंने अलग-अलग गांव और घरों से पकड़ कर जंगलों में छोड़ चुके हैं।

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वन विभाग से करें संपर्क

वन विभाग की अधिकारी स्वाती भारती का कहना है कि रामानुजन के इन प्रयासों के लिए उनकी जितनी सराहना की जाए कम है। पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए सांपों का होना बेहद जरूरी है। कई लोग सांपों को देखते ही मार डालते हैं। मगर ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर घर में सांप निकले तो फौरन वन विभाग को सूचित करें। हम उसे पकड़ कर सुरक्षित जंगल में छोड़ देंगे।

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