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Bharat Ratna Lal krishna Advani: рд▓рд╛рд▓рдХреГрд╖реНрдг рдЖрдбрд╡рд╛рдгреА рдХреА рд░рдердпрд╛рддреНрд░рд╛ рдиреЗ рдпреВрдкреА рдФрд░ рдмреАрдЬреЗрдкреА рдХреА рд░рд╛рдЬрдиреАрддрд┐ рдХреЛ рдкреВрд░реА рддрд░рд╣ рд╕реЗ рдмрджрд▓рдХрд░ рд░рдЦ рджрд┐рдпрд╛ рдерд╛ред рдпрд╣ рд░рдердпрд╛рддреНрд░рд╛ рдЧреБрдЬрд░рд╛рдд рдХреЗ рд╕реЛрдордирд╛рде рд╕реЗ рдпреВрдкреА рдХреЗ рдЕрдпреЛрдзреНрдпрд╛ рдХреЗ рд▓рд┐рдП рдирд┐рдХрд╛рд▓реА рдЧрдИ рдереАред

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Reason behind giving Bharat Ratna to BJP leader Lal krishna Advani: वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा के बाद इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। इसके पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी भारत रत्न दिया जा चुका है। वे भी बीजेपी के नेता थे। वायपेयी के बाद यह सम्मान पाने वाले आडवाणी दूसरे बीजेपी नेता हैं। पुरस्कार दिए जाने के बारे में पीएम मोदी ने खुद बताया है और इसपर खुशी जाहिर की है। हाल ही में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भी भारत रत्न देने का ऐलान हुआ है।

आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने पर कई लोग हैरानी भी जता रहे हैं। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से कहा जा रहा था कि आडवाणी और उनके बीच रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे। क्योंकि आडवाणी ही बीजेपी में पीएम पद के दावेदार थे। पीएम मोदी के साथ उनके संबंध जटिल ही बताए जाते हैं। यह भी कि आडवाणी ही थे जिन्होंने गुजरात का मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी का हर मुश्किल समय में साथ और समर्थन दिया।

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माना जाता है कि आडवाणी ने ही मोदी को आरएसएस कार्यकर्ता के रूप में आगे बढ़ने में मदद की। गुजरात दंगों के बाद आडवाणी ने ही मोदी की कुर्सी बचाई। सत्ता में आने के बाद आडवाणी को मार्गदर्शक मंडल में रखा गया। विरोधी दलों ने इसे अनुभवी भाजपा नेताओं की रिटायर्ड पीठ बताकर तंज किया था। यह भी कहा जाता है कि मोदी जैसे-जैसे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होने लगे, आडवाणी नाखुश और असहज होने लगे।

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अयोध्या आंदोलन में भूमिका

इंडियन एक्सप्रेस में दीप्तिमान तिवारी द्वारा लिखे एक लेख में बताया गया है कि आडवाणी के लिए भारत रत्न की घोषणा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के ठीक बाद हुई है। आडवाणी को अयोध्या आंदोलन का एक प्रमुख वास्तुकार माना जाता है जिसने भाजपा को केंद्र की सत्ता मिली। इस समय आडवाणी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए जाने से आगामी लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा के मंदिर के दावे में इजाफा होने की संभावना है।

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लालकृष्ण आडवाणी की सबसे ज्यादा चर्चा उनकी रथयात्रा को लेकर हुई। यात्रा के दौरान ही उन्होंने कहा था कि ‘सौगंध राम की खाते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे’। उन्हें बिहार के समस्तीपुर जिले से गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीतिमंडल बनाम कमंडल की हो गई। आज के समय के कई बड़े नेताओं का पॉलिटिकल करियर बनाने में उनका अहम योगदान रहा है।

कौन हैं लालकृष्ण आडवाणी

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बता दें कि लालकृष्ण आडवाणी बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी ने ही बीजेपी को सत्ता की पार्टी बनाया। उनका जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को हुआ था। वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भारत के 7वें उप प्रधानमंत्री बने थे। देश विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान छोड़कर मुंबई आ गया और यहीं बस गया। उनकी पत्नी का नाम कमला आडवाणी है। आडवाणी का एक बेटा और एक बेटी है। बेटे का नाम जयंत आडवाणी और बेटी का नाम प्रतिभा आडवाणी है।

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First published on: Feb 03, 2024 02:57 PM

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