Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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BJP MP Anantkumar Hegde on Bhatkal Mosque : भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने शनिवार को कहा कि बाबरी मस्जिद की तरह ही भटकल मस्जिद के टूटने की भी गारंटी है। उन्होंने कहा कि यह अनंत कुमार हेगड़े का नहीं बल्कि हिंदू समाज का फैसला है। कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए हेगड़े ने कहा कि वे सदियों से हिंदू समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस हमारी विरोधी नहीं है। वह हिंदू और सनातन धर्म विरोधी है।
Karnataka | BJP MP Anantkumar Hegde says, "The destruction of Bhatkal Mosque is guaranteed like Babri Masjid. This is not the decision of Anantkumar Hegde, but the decision of Hindu society… They (Congress) have been dividing the Hindu society for centuries. Congress is not our… pic.twitter.com/DhmGhH1IYU
— ANI (@ANI) January 13, 2024
हेगड़े ने कहा कि कांग्रेस हमारी विपक्षी नहीं है, हमारा सामना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से हैं। जो लोग अल्पसंख्यक वोटों के लिए बोली लगाते हैं हमारा सामना उनसे है। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कहा कि वह इसमें नहीं जाएंगे। मैं कहता हूं कि वह आएं या फिर न आएं अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन तो होकर ही रहेगा।
बता दें कि भटकल मस्जिद कर्नाटक के भटकल शहर में स्थित है। भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि कुछ लोग मेरे इस बयान को धमकी समझेंगे लेकिन इससे हिंदू समुदाय वह करने से नहीं रुकेगा जो सही है। हेगड़े का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के उद्घाटन के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भव्य राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे। कांग्रेस ने इसमें आने से इनकार किया है।
वहीं, हेगड़े के इस बयान पर कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया भी आ गई है। सिद्धारमैया ने कहा कि यह उनकी संस्कृति है। जब अनंत कुमार हेगड़े केंद्रीय मंत्री थे थे उन्होंने कहा जब हम सत्ता में आएंगे तो संविधान बदल देंगे। क्या हम उनके संस्कृति की उम्मीद कर सकते हैं? क्या उन्हें सभ्य कहा जा सकता है? सिद्धारमैया ने आगे कहा कि कुछ लोग राज्य के मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं और कुछ लोग नहीं। अगर वह गलत शब्दों का इस्तेमाल करेंगे तो इससे उन्हें ही नुकसान होगा।
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