डायबिटीज में नसें डैमेज होने से कैसे बचाएं? डॉक्टर से जानिए कुछ असरदार तरीके

Nerve Damage Problem In Diabetes: शुगर बहुत ही गंभीर बीमारी है. अगर आप वक्त पर ध्यान नहीं देंगे तो परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि शुगर में जख्म बिल्कुल भी नहीं भर पाता है जिसकी वजह से नसों पर असर पड़ता है. 

Nerve Damage in Diabetes

डायबिटीज में नसें क्यों डैमेज होती हैं? Image Credit- Freepik

Nerve Damage Problem: शुगर यानी डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने का काम नहीं करती है. इस दौरान कई तरह की दिक्कतें देखने को मिल सकती है. इसलिए शुगर को कंट्रोल करते रहना चाहिए, क्योंकि लेवल ऊपर नीचे होने से नसों को परेशानी हो सकती है. लेवल ऊपर नीचे होने पर कई बार जख्म भी नहीं भर पाते हैं. इस परेशानी को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है. इससे हाथ पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, जलन और तेज दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. एमबीबीएस और एमडी डॉक्टर शालिनी सिंह सालुंके ने अपने एक वीडियो के माध्यन से बताया है कि सही देखभाल और लाइफस्टाइल में बदलाव करके नसों को होने वाले नुकसान के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. 

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डायबिटीज में नसें क्यों डैमेज होती हैं? 

जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का लेवल ज्यादा रहता है तो यह नसों और उन्हें पोषण देने वाली छोटी ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचाने लगता है. समय के साथ नसें भी इफेक्ट होने लगती हैं, जिससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की कार्यक्षमता इफेक्ट हो जाती हैं. इसलिए अगर आपको 5 साल से ज्यादा वक्त से शुगर है तो इन बातों का ध्यान रखें. 

नसें डैमेज होने के शुरुआती लक्षण 

  • पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
  • तलवों में जलन या चुभन
  • रात के समय पैरों में दर्द बढ़ना
  • तापमान का सही अहसास न होना
  • मांसपेशियों में कमजोरी होना 
  • पैरों में घाव होने पर देर से भरना

नसों को डैमेज होने से बचाने के असरदार तरीके

नंगे पैर न चलें- कहीं पर भी नंगे पैर न चलें, क्योंकि इससे जख्म बनने का खतरा बढ़ सकता है. शुगर में एक छोटा सा जख्म भी काफी बड़ा हो सकता है. 
टाइट जूते न पहनें- पैरों को आराम देने वाले जूते या चप्पल सेलेक्ट करें. कई बार टाइट जूते या हील्स पहनने से परेशानी काफी ज्यादा बढ़ सकती है. 
गर्म पानी में पैर न डालें- शुगर में नसें डैमेज हो जाती हैं, जिससे किसी भी जख्म का पता कम लग पाता है. ऐसे में अगर आप गर्म पानी में पैर डालोगे तो पैर जल सकते हैं. 
पैरों को चेक करें- अपने हर रोज पैरों को चेक करें, ताकि जख्म से बचाया जा सके. कई बार चोट लग जाती है, जिसका पता काफी दिन बाद लगता है. 
जख्म को इग्नोर न करें- अगर आपके चोट लग गई है तो जख्म बिल्कुल भी इग्नोर न करें. इससे परेशानी बढ़ सकती है और कई बार हाथ या पैर कटने की नौबत भी आ सकती है. 

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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