डायबिटीज में नसें डैमेज होने से कैसे बचाएं? डॉक्टर से जानिए कुछ असरदार तरीके
Nerve Damage Problem In Diabetes: शुगर बहुत ही गंभीर बीमारी है. अगर आप वक्त पर ध्यान नहीं देंगे तो परेशानी बढ़ सकती है, क्योंकि शुगर में जख्म बिल्कुल भी नहीं भर पाता है जिसकी वजह से नसों पर असर पड़ता है.
Edited By : Shadma Muskan|Updated: Jul 23, 2026 11:16
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डायबिटीज में नसें क्यों डैमेज होती हैं? Image Credit- Freepik
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Nerve Damage Problem: शुगर यानी डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने का काम नहीं करती है. इस दौरान कई तरह की दिक्कतें देखने को मिल सकती है. इसलिए शुगर को कंट्रोल करते रहना चाहिए, क्योंकि लेवल ऊपर नीचे होने से नसों को परेशानी हो सकती है. लेवल ऊपर नीचे होने पर कई बार जख्म भी नहीं भर पाते हैं. इस परेशानी को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है. इससे हाथ पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, जलन और तेज दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अच्छी बात यह है कि सही देखभाल और लाइफस्टाइल में बदलाव करके नसों को होने वाले नुकसान के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का लेवल ज्यादा रहता है तो यह नसों और उन्हें पोषण देने वाली छोटी ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचाने लगता है. समय के साथ नसें भी इफेक्ट होने लगती हैं, जिससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की कार्यक्षमता इफेक्ट हो जाती हैं. इसलिए अगर आपको 5 साल से ज्यादा वक्त से शुगर है तो इन बातों का ध्यान रखें.
नंगे पैर न चलें- कहीं पर भी नंगे पैर न चलें, क्योंकि इससे जख्म बनने का खतरा बढ़ सकता है. शुगर में एक छोटा सा जख्म भी काफी बड़ा हो सकता है. टाइट जूते न पहनें- पैरों को आराम देने वाले जूते या चप्पल सेलेक्ट करें. कई बार टाइट जूते या हील्स पहनने से परेशानी काफी ज्यादा बढ़ सकती है. गर्म पानी में पैर न डालें- शुगर में नसें डैमेज हो जाती हैं, जिससे किसी भी जख्म का पता कम लग पाता है. ऐसे में अगर आप गर्म पानी में पैर डालोगे तो पैर जल सकते हैं. पैरों को चेक करें- अपने हर रोज पैरों को चेक करें, ताकि जख्म से बचाया जा सके. कई बार चोट लग जाती है, जिसका पता काफी दिन बाद लगता है. जख्म को इग्नोर न करें- अगर आपके चोट लग गई है तो जख्म बिल्कुल भी इग्नोर न करें. इससे परेशानी बढ़ सकती है और कई बार हाथ या पैर कटने की नौबत भी आ सकती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Nerve Damage Problem: शुगर यानी डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ने का काम नहीं करती है. इस दौरान कई तरह की दिक्कतें देखने को मिल सकती है. इसलिए शुगर को कंट्रोल करते रहना चाहिए, क्योंकि लेवल ऊपर नीचे होने से नसों को परेशानी हो सकती है. लेवल ऊपर नीचे होने पर कई बार जख्म भी नहीं भर पाते हैं. इस परेशानी को डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है. इससे हाथ पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन, जलन और तेज दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अच्छी बात यह है कि सही देखभाल और लाइफस्टाइल में बदलाव करके नसों को होने वाले नुकसान के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का लेवल ज्यादा रहता है तो यह नसों और उन्हें पोषण देने वाली छोटी ब्लड सेल्स को नुकसान पहुंचाने लगता है. समय के साथ नसें भी इफेक्ट होने लगती हैं, जिससे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की कार्यक्षमता इफेक्ट हो जाती हैं. इसलिए अगर आपको 5 साल से ज्यादा वक्त से शुगर है तो इन बातों का ध्यान रखें.
नंगे पैर न चलें- कहीं पर भी नंगे पैर न चलें, क्योंकि इससे जख्म बनने का खतरा बढ़ सकता है. शुगर में एक छोटा सा जख्म भी काफी बड़ा हो सकता है. टाइट जूते न पहनें- पैरों को आराम देने वाले जूते या चप्पल सेलेक्ट करें. कई बार टाइट जूते या हील्स पहनने से परेशानी काफी ज्यादा बढ़ सकती है. गर्म पानी में पैर न डालें- शुगर में नसें डैमेज हो जाती हैं, जिससे किसी भी जख्म का पता कम लग पाता है. ऐसे में अगर आप गर्म पानी में पैर डालोगे तो पैर जल सकते हैं. पैरों को चेक करें- अपने हर रोज पैरों को चेक करें, ताकि जख्म से बचाया जा सके. कई बार चोट लग जाती है, जिसका पता काफी दिन बाद लगता है. जख्म को इग्नोर न करें- अगर आपके चोट लग गई है तो जख्म बिल्कुल भी इग्नोर न करें. इससे परेशानी बढ़ सकती है और कई बार हाथ या पैर कटने की नौबत भी आ सकती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.