क्या घर में रह रही बिल्ली या कुत्ते को भी बर्ड फ्लू हो सकता है? तो जवाब है, हां. हालांकि अभी तक ऑस्ट्रेलिया में पालतू जानवरों में H5 बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है और ज्यादातर बिल्लियों और कुत्तों के लिए इसका खतरा बहुत कम है. लेकिन दूसरे देशों में सामने आए मामलों ने विशेषज्ञों की चिंता को बढ़ा दिया है. बिल्लियों के लिए यह मामला खास तौर पर गंभीर हो सकता है. विदेशों में कुछ संक्रमित बिल्लियों की हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई. कुत्ते भी इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं, हालांकि उनमें गंभीर बीमारी के मामले कम मिले हैं.
बिल्लियों में वायरस बीमारियों पर रिसर्च करने वाली पशु चिकित्सक सैली कॉगिन्स के मुताबिक, पालतू जानवरों के मालिकों के लिए यह समझना जरूरी है कि वायरस घर तक कैसे पहुंच सकता है और इससे कैसे बचा जाए. ऑस्ट्रेलिया में करीब 77 लाख घरों में पालतू जानवर हैं. ऐसे में चिंता सिर्फ इस बात की नहीं है कि बर्ड फ्लू पक्षियों में कितना फैल रहा है, बल्कि यह भी है कि कहीं पालतू जानवर अनजाने में इसके संपर्क में तो नहीं आ रहे.
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कई वजह से पालतू जानवर तक पहुंच सकता है वायरस
H5 बर्ड फ्लू संक्रमित जंगली पक्षियों या दूसरे संक्रमित जीवों के सीधे संपर्क से पालतू जानवरों तक पहुंच सकता है. संक्रमित जगह पर जाने, संक्रमित पशु उत्पाद खाने या पीने से भी संक्रमण हो सकता है. इसके अलावा वायरस इंसानों के जूते, कपड़ों या सामानों की वजह से भी घर में आ सकता है. पोलैंड, दक्षिण कोरिया और बेल्जियम में सामने आए मामलों से पता चला है कि बिल्लियों के लिए यह वायरस कितना गंभीर हो सकता है.
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
शुरुआत में बर्ड फ्लू के लक्षणों को पहचानना मुश्किल हो सकता है. बर्ड फ्लू होने से पालतू जानवर सुस्त हो सकता है, उसे बुखार आ सकता है और वह खाना छोड़ सकता है. खांसी, सांस लेने में परेशानी और आंख या नाक से पानी आना इसकी निशानी है. बिल्लियों में वायरस ज्यादा होने पर कंपकंपी, दौरे और अचानक दिखाई देना बंद होने जैसे इसके लक्षण हैं. अगर पालतू जानवर में ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे सीधे पशु चिकित्सालय ले जाने से पहले डॉक्टर को फोन करना बेहतर है. इससे डॉक्टर जांच और इलाज की सुरक्षित व्यवस्था कर सकेंगे.
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फिलहाल टीका उपलब्ध नहीं
पालतू जानवरों के लिए H5 बर्ड फ्लू का कोई टीका फिलहाल उपलब्ध नहीं है. यह भी साफ नहीं है कि मौजूदा फ्लू की दवाएं बिल्लियों और कुत्तों के लिए कितनी सुरक्षित और असरदार हैं. इसलिए विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय वायरस से बचाव ही सबसे बेहतर तरीका है.
पालतू जानवरों को सुरक्षित रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- जंगली जानवरों से दूर रखें: कुत्तों को बाहर ले जाते समय पट्टे से बांधकर रखें और अगर मुमकिन हो तो बिल्लियों को घर के अंदर ही रखें. इससे वे संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से बचेंगे.
- बीट और मृत पक्षियों से दूर रखें: बर्ड फ्लू पक्षियों की बीट, शवों और आसपास जमा पानी में हो सकता है. इसलिए खाने और पानी के कटोरे बाहर न छोड़ें.
- कच्चा खाना देने में सावधानी बरतें: विदेशों में बिल्लियों के कई मामले कच्चे मांस, बिना पाश्चुरीकृत डेयरी उत्पादों (Pasteurized dairy products) और दूषित पालतू भोजन से जुड़े मिले हैं. इसलिए ऐसी खाने वाली चीजों से बचना जरूरी है. केवल खाना को फ्रीज में रखने से वायरस खत्म नहीं हो जाता.
- वायरस को घर में आने से रोकें: अगर आपका काम पक्षियों, जंगली जानवरों या मुर्गियों से जुड़ा है तो घर लौटने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं. अपने सामानों को भी अच्छे से साफ करें और कपड़े व जूते बदलें.
कम खतरा है, लेकिन सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में इस समय ज्यादातर पालतू जानवरों के लिए H5 बर्ड फ्लू का खतरा बेहद कम है. लेकिन कम खतरे का मतलब यह नहीं है कि जोखिम बिल्कुल खत्म हो गया है. अगर आपको कोई बीमार या मृत जंगली जानवार दिखाई दे तो उसे छूने से बचें और उससे दूरी बनाए रखें. इसकी जानकारी 'इमरजेंसी एनिमल डिजीज हॉटलाइन' पर दें. पालतू जानवरों को बर्ड फ्लू से बचाने का सबसे आसान तरीका है कि उन्हें वायरस वाले पक्षियों और खराब चीजों से रखें और जूतों, कपड़ों या सामान के जरिए वायरस को घर तक पहुंचने नहीं दें.
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