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रिपेयरिंग के लिए सर्विस सेंटर पर दे रहे स्मार्टफोन, पहले ये बातें जरूर जान लें

स्मार्टफोन रिपेयर के बाद अगर अचानक आपकी प्राइवेट फोटो और डेटा ऑनलाइन लीक हो जाए, तो? एक आम-सी गलती- सर्विस सेंटर को पासवर्ड देना- आपको ब्लैकमेलिंग और डेटा लीक का शिकार बना सकती है. जानिए फोन रिपेयर के दौरान आपका डेटा कैसे चोरी होता है और खुद को सुरक्षित रखने के आसान तरीके.

Author Written By: Mikita Acharya Updated: Jan 21, 2026 12:24
Mobile Phone
कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती. (Reference image made with AI)

Smartphone Repair Safety Tips: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे निजी हिस्सा बन चुका है. फोटो, वीडियो, बैंकिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और पर्सनल चैट सब कुछ एक ही डिवाइस में होता है. लेकिन अगर यही फोन रिपेयर के लिए देने के बाद आपकी निजी जानकारी लीक हो जाए, तो? एक उदाहरण से समझते हैं दिल्ली के रहन ने वाली अलिशा तीन साल से एक ही स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रही थी. एक दिन कॉलेज से लौटते वक्त फोन गिर गया और उसकी स्क्रीन टूट गी. उसने फोन एक थर्ड-पार्टी सर्विस सेंटर में रिपेयर के लिए दिया. कुछ घंटों बाद फोन तो ठीक हो गया, लेकिन उसी दिन ईशा के पास अनजान कॉल और मैसेज आने लगे. उसकी निजी जानकारी और पर्सनल डेटा ऑनलाइन लीक हो चुका था.
ये भले ही एक उदाहरण हो, लेकिन ऐसे कई असली मामले सामने आ चुके हैं. कई लोगों ने शिकायत की है कि फोन रिपेयर के बाद उनकी प्राइवेट फोटो, वीडियो और अन्य संवेदनशील डेटा इंटरनेट पर लीक हो गया या उन्हें ब्लैकमेल किया गया.

फोन रिपेयर के दौरान कैसे लीक होता है डेटा 

जब आप किसी ब्रांड के ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर में फोन देते हैं, तो वहां आमतौर पर आपसे पूछा जाता है कि आपने डेटा डिलीट किया है या नहीं. अगर नहीं, तो वे पहले बैकअप लेकर फोन को रीसेट करने की सलाह देते हैं.
लेकिन दिक्कत तब शुरू होती है, जब आप फोन किसी थर्ड-पार्टी सर्विस सेंटर को देते हैं. ऐसे सेंटर कई बार आपसे फोन का पासवर्ड या PIN मांग लेते हैं. वजह बताई जाती है कि “फोन टेस्ट करना है” या “लॉक में रिपेयर नहीं हो सकता.”

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पासवर्ड देने का मतलब पूरा कंट्रोल देना

जैसे ही आप पासवर्ड देते हैं, सामने वाला व्यक्ति आपके फोन की हर चीज तक पहुंच बना सकता है. फोटो, वीडियो, बैंकिंग ऐप्स, ईमेल, सोशल मीडिया सब कुछ. रिपेयर के बाद फोन वापस मिल जाता है और शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल लगता है. लेकिन कुछ समय बाद ब्लैकमेलिंग कॉल आ सकती है या आपका डेटा पहले ही लीक हो चुका होता है.

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सबसे जरूरी बात: पासवर्ड कभी न दें

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि किसी भी सर्विस सेंटर को आपके फोन का पासवर्ड मांगने का हक नहीं है. फोन की जांच के लिए पासवर्ड जरूरी नहीं होता, क्योंकि स्मार्टफोन में इसके लिए अलग फीचर दिए गए हैं.

Repair या Maintenance Mode क्या है

आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में Repair Mode या Maintenance Mode होता है. इस मोड को ऑन करने पर फोन के अंदर एक अलग, नया प्रोफाइल बन जाता है. सर्विस सेंटर फोन की सभी जरूरी जांच कर सकता है, लेकिन आपके पर्सनल डेटा तक उसकी पहुंच नहीं होती. रिपेयर के बाद इस मोड से बाहर आने के लिए सिर्फ आपका पासवर्ड चाहिए होता है.

अगर Repair Mode न हो तो Guest Mode का इस्तेमाल करें

कुछ पुराने फोन में Repair Mode नहीं होता. ऐसे में Guest Mode एक अच्छा विकल्प है. इसमें भी फोन एक अलग स्पेस में चला जाता है और आपकी निजी फाइलें सुरक्षित रहती हैं. यह मोड फोन किसी दोस्त या सहकर्मी को देने पर भी काम आता है.

बैकअप लेकर फोन रीसेट करें

अगर आपके फोन में न Repair Mode है और न ही Guest Mode, तो सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि पहले पूरा डेटा बैकअप लें और फिर फोन को रीसेट करके रिपेयर के लिए दें. रिपेयर के बाद आप दोबारा लॉग इन करके अपना सारा डेटा वापस डाउनलोड कर सकते हैं.

स्मार्टफोन रिपेयर कराना आम बात है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है. पासवर्ड न देना, सही मोड का इस्तेमाल करना और जरूरत पड़ने पर फोन रीसेट करना ये छोटे कदम आपकी निजी जिंदगी को बड़े खतरे से बचा सकते हैं.

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First published on: Jan 21, 2026 12:24 PM

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