उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया है. कांग्रेस ने अजय राय की जगह आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. आराधना मिश्रा के नाम को लेकर कांग्रेस में काफी वक्त से चर्चा थी. आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं. वह खुद भी यूपी में विधायक और विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता रह चुकी हैं.
आराधना मिश्रा से पहले अजय राय के पास उत्तर प्रदेश की कमान थी. अजय राय को कांग्रेस का स्ट्रीट फाइटर लीडर माना जाता था. उन्होंने राज्य में कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में काफी काम किया है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में वह काफी सक्रिय रहे हैं. हर मुद्दे पर वह सड़क पर उतरे होते थे और अपनी पार्टी की मौजूदगी दर्ज कराते थे. वाराणसी सीट से उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था. इतना ही नहीं, उन्होंने पीएम मोदी को उस चुनाव में कड़ी टक्कर भी दी थी.
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क्यों गई अजय राय की कुर्सी
सवाल यह पैदा होता है कि अजय राय कांग्रेस के इतने मजबूत नेता थे, तो उनके हाथ से कमान वापस क्यों ले ली गई. क्या इसके पीछे चुनाव से पहले जातीय समीकरण हैं या फिर पार्टी के भीतर अंदरूनी खींचतान.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से उनकी बन नहीं रही थी. राजेंद्र पाल गौतम को जून महीने में ही राज्य का प्रभारी बनाया गया था. इस वजह से कांग्रेस ने अजय राय को अध्यक्ष पद से हटाया है. इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में कांग्रेस के इस कदम को विधानसभा चुनाव से सोशल इंजीनियरिंग के प्रयोग के तौर पर भी देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि ब्राह्मण वोटों को अपनी तरफ करने के लिए आराधना मिश्रा को यूपी की कमान दी गई है.
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प्रमोद तिवारी की कांग्रेस में पहुंच
आराधना मिश्रा के पिता प्रमोद तिवारी कांग्रेस के बड़े नेता हैं. ऐसे में उन्हें यूपी में पार्टी के लिए काम करने में अपने पिता से भी मदद मिलेगी. प्रमोद तिवारी काफी लंबे समय से राजनीति सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. तिवारी नौ बार विधायक रह चुके हैं. ऐसे बहुत ही कम नेता हैं, जो इतनी बार सांसद या विधायक रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी नौ बार सांसद रह चुके हैं. अभी खरगे और तिवारी दोनों ही राज्यसभा में हैं. खरगे राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं, जबकि तिवारी उप-नेता हैं.
क्या है कांग्रेस की सोशल इंजीनियरिंग
कांग्रेस ने शुक्रवार को आराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी प्रदेश अध्यक्ष, सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को राज्य का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है. इनके अलावा चौधरी वीरेंद्र सिंह को विधानमंडल दल का नया नेता चुना गया है. देविंदर निषाद और आलोक प्रसाद को प्रदेश कांग्रेस का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. इसके पीछे कांग्रेस की रणनीति ब्राह्मण, दलित और मुसलमान को एक साथ साध लाने की है.
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