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कौन हैं आराधना 'मोना' मिश्रा? जिन्हें मिली यूपी कांग्रेस की कमान, समझें 2027 का पूरा सियासी गणित

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. पार्टी ने अजय राय की जगह रामपुर खास से विधायक आराधना ‘मोना’ मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंप दी है. जानिए कांग्रेस के इस ब्राह्मण और महिला कार्ड के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी.

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उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायक आराधना 'मोना' मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंप सकती है. Credit: ANI

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अपने संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. पार्टी ने वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की जगह कांग्रेस विधानमंडल दल (CLP) की नेता और रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को यूपी कांग्रेस की नई कमान सौंपी है. इस बीच चर्चा है कि अजय राय को पार्टी केंद्रीय स्तर पर कोई अहम जिम्मेदारी दे सकती है. उधर, कांग्रेस ने देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ अभियान का बिगुल फूंक दिया है. पार्टी विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने चुनाव आयोग और वोट कटने के मामले पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सबसे बड़ी चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक के साथ मिलकर हर वोट की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी.

‘वोट ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत’

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इस व्यवस्था की असली रीढ़ नागरिक का वोट है. अगर देश में वोट का अधिकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा. इसी खतरे को भांपते हुए कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ’ मुहिम छेड़ी है.

कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?

आराधना मिश्रा यूपी की राजनीति में जाना-पहचाना नाम हैं. वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से तीन बार (2014 उपचुनाव, 2017 और 2022) विधायक चुनी जा चुकी हैं. प्रयागराज में जन्मी मोना मिश्रा ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के बाद MBA की डिग्री ली है.

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मोना मिश्रा को आगे कर क्या साधना चाहती है कांग्रेस?

कांग्रेस का यह कदम मुख्य रूप से दो बड़े समीकरणों को साधने की रणनीति माना जा रहा है. पहला तो यूपी में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या 10 से 12 प्रतिशत के करीब है, जो कई सीटों पर निर्णायक साबित होते हैं. कभी यह वर्ग कांग्रेस का मजबूत आधार हुआ करता था, जिसे पार्टी फिर से अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है. वहीं, दूसरा प्रदेश में करीब 47% महिला वोटर हैं. एक महिला चेहरे को आगे कर पार्टी महिला मतदाताओं के बीच अपनी सीधी पकड़ मजबूत करना चाहती है.

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दलित, मुस्लिम और ओबीसी का संतुलन

कांग्रेस संगठन में सिर्फ एक चेहरे तक सीमित नहीं रहना चाहती. पार्टी ने पहले ही दलित वर्ग को साधने के लिए राजेंद्र पाल गौतम को यूपी प्रभारी बनाया है. अब खबर है कि प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ एक ओबीसी और एक मुस्लिम नेता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की भी योजना है, ताकि दलित-ब्राह्मण-ओबीसी और मुस्लिम समीकरण को पूरी तरह साधा जा सके.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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