Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

एंटरटेनमेंट

मणिपुर के लिए आवाज उठाना सिंगर Akhu Chingangbam को पड़ा भारी, हुए किडनैप

Akhu Chingangbam Kidnapped: खबर है कि मणिपुर के सिंगर अखु चिंगंगबम को बदमाशों ने किडनैप कर लिया है। उनके किडनैपिंग की वजह हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना बताया जा रहा है।

Author
Edited By : Nidhi Pal Updated: Dec 30, 2023 12:34
Akhu Chingangbam
image credit: social media

Akhu Chingangbam Kidnapped: मणिपुर पिछले काफी समय से विवादों में बना हुआ है। कभी वहां हिंसा को लेकर खबरें आती रहती हैं तो कभी महिलाओं के साथ बदसलूकी की। पिछले दिनों भी महिलाओं के साथ सोशल का मुद्दा भी चर्चा में बना हुआ था। लेकिन अब खबर आ रही है कि मणिपुर के मशहूर सिंगर को किडनैप किया गया है। सिंगर का नाम अखु चिंगंगबम बताया जा रहा है। यह घटना बीते दिन की है। खबर है कि सिंगर के इम्फाल स्थित घर में कुछ हथियारबंद बदमाश घुसे और उनकी मां व पत्नी पर बंदूक तान दी। इसके बाद वह अखु चिंगंगबम को अपने साथ उठाकर ले गए।

इम्फाल टॉकीज के फाउंडर

---विज्ञापन---

29 दिसंबर की यह घटना ऐसे समय में बीती है जब मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसा भड़की है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि बदमाशों ने उनको किडनैप कर लिया। वह इम्फाल टॉकीज नाम के लोकल ब्रांड के फाउंडर भी हैं। अखु चिंगंगबम सिंगर के साथ-साथ सोशल वर्कर भी हैं। बता दें कि अखु सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर भी एक्टिव रहते हैं।

यह भी पढ़ें: Vijay ही नहीं ये सितारे भी हुए बदसलूकी का शिकार, सरेआम हुई मारपीट

---विज्ञापन---

इस वजह से हुए किडनैप

सिंगर के किडनैप होने की वजह भी सामने आई है। खबर है कि वह अपने सोशल मीडिया पर हिंसा के खिलाफ कुछ न कुछ लिखते रहते थे और मणिपुर की शांति के लिए आवाज उठाते थे। मणिपुर में उनकी सिंगिंग के काफी चर्चे हैं। अखु का असली नाम रोनिद चिंगंगबम है। 2016 में वर्ल्ड म्यूजिक डे के अवसर पर एक्सीडेंट के दौरान उनके कान में चोट लग गई थी, जिसके बाद अखु को सुनाई देना बंद हो गया था। अखु चिंगंगबम MTV म्यूजिक इंडिया के टीवी शो The Dewarists में भी नजर आ चुके हैं।

हिंसा में अब तक हुई इतनी मौत

मणिपुर हिंसा की बात करें तो इस साल वहां पर मई से मैतेई और कुकी के बीच जातीय हिंसा देखी जा रही है। लगातार हो रही इस हिंसा में अब तक करीब 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 3000 से अधिक घायल हुए हैं। जब मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) की स्थिति की मांग के विरोध में मणिपुर के पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया था।

First published on: Dec 30, 2023 12:34 PM

संबंधित खबरें