Loveyapa Movie Review: वैलेंटाइन वीक पर रोमांस-कॉमेडी का जबरदस्त डोज, कैसी है फिल्म की कहानी?
Loveyapa Movie Review: जुनैद खान और खुशी कपूर की फिल्म 'लवयापा' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। आखिर कैसी है फिल्म की कहानी, चलिए आपको बताते हैं।
Edited By : Himanshu Soni|Updated: Feb 7, 2025 07:58
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Loveyapa Movie Review
Movie name:Loveyapa
Director:Advait Chandan
Movie Casts:Junaid Khan, Khushi Kapoor
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Loveyapa Movie Review: (नवीन सिंह भारद्वाज) भारतीय रोमांटिक फिल्मों के शौकीन पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हैं। जहां बॉलीवुड फिलहाल तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट्स और रीमिक्स में जुटा हुआ है, वहीं वैलेंटाइन वीक पर एक रोमांटिक फिल्म आ रही है लवयापा। काफी लंबे समय से आप भी इस फिल्म से जुड़े दोनों सितारों जुनैद खान और खुशी कपूर को अपनी फिल्म प्रमोट करते रील्स और वीडियोज में देख रहे होंगे। अब फाइनली ये फिल्म थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है। आखिर कैसी है जुनैद खान और खुशी कपूर की ये फिल्म इसके लिए पढ़िए न्यूज24 का रिव्यू।
कहानी
कहानी की शुरुआत दिल्ली से होती है, जहां गौरव सचदेवा (जुनैद खान) और बनी शर्मा (खुशी कपूर) एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और जैसा कि हमने ट्रेलर में ही देख लिया है, बनी के पिता अतुल कुमार शर्मा (आशुतोष राणा) दोनों के सामने एक शर्त रखकर उन्हें एक दिन के लिए फोन आपस में बदलने को कहते हैं और वहीं से मामला घूम जाता है। दोनों को एक दूसरे के प्यार पर जितना कॉन्फिडेंस था, उतना ही एक दूसरे के फोन देखने के बाद भरोसा टूट-था जाता है और फिर आगे जाने के लिए आपको अपने नजदीकी थिएटर का रुख करना होगा।
निर्देशन, राइटिंग और म्यूजिक
अद्वैत चंदन ने लवयापा को डायरेक्ट किया है और ये कह सकते हैं कि उन्होंने आज के दौर के जनरेशन पर अच्छा रिसर्च किया है। फिल्म के एक सीन में जुनैद के पीछे आमिर खान की फिल्म का एक सीन लगाकर अद्वैत ने जरूर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट को ट्रिब्यूट दिया है, जो अच्छा लगा। फिल्म के पंच लाइन्स गुदगुदाने वाले हैं वहीं फिल्म ने कहीं बोर नहीं किया है। डायलॉग्स और राइटिंग के मामले में स्नेहा देसाई और सिद्धांत मागो ने अच्छा काम किया है। फिल्म के पहले भाग में जहां ट्रेलर में दिखाई गई कहानी है, वहीं दूसरे भाग में कई बातों को अच्छे संदेश के रूप में प्रदर्शित किया गया है। बॉडी शेमिंग हो या मॉर्फेड वीडियो या साइबर बुली इन्हें अच्छे से मेसेज के तौर पर दिखाया गया है।
एक्टिंग
दोनों जुनैद खान और खुशी कपूर की ये पहली थिएटर रिलीज है। इससे पहले दोनों नेटफ्लिक्स की फिल्म महाराज और आर्चीज में नजर आ चुके हैं। ट्रेलर देखकर ऐसा लगा था की शायद फिल्म देखकर डिसअपॉइंट हों पर ऐसा नहीं है। जुनैद ने आज के दौर के लड़के के किरदार को अच्छे से पकड़ रखा है और महाराज से बेहद अपोजिट एक अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। एक टिपिकल दिल्ली के लड़के के किरदार को जुनैद ने अच्छे से निभाया है वही खुशी कपूर ने भी अपने किरदार के साथ ईमानदारी बरती है और हर सीन में क्यूट लगी हैं। फिल्म में आशुतोष राणा, कीकू शारदा, गुरुशा कपूर जैसे बेहतरीन एक्ट्रेस भी हैं जो जब आए छा गए।
फाइनल वर्डिक्ट
फिल्म अपने नाम से बेहद ही अलग है और अच्छे मेसेज देने वाली फ़िल्म है। फ़िल्म थोड़ी रिलेटेबल है और आज के दौर में जहाँ हम अपने अपने फोन में लगे रहते हैं वही फोन से निकल कर ये फ़िल्म देखी जा सकती है.
Loveyapa Movie Review: (नवीन सिंह भारद्वाज) भारतीय रोमांटिक फिल्मों के शौकीन पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी हैं। जहां बॉलीवुड फिलहाल तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट्स और रीमिक्स में जुटा हुआ है, वहीं वैलेंटाइन वीक पर एक रोमांटिक फिल्म आ रही है लवयापा। काफी लंबे समय से आप भी इस फिल्म से जुड़े दोनों सितारों जुनैद खान और खुशी कपूर को अपनी फिल्म प्रमोट करते रील्स और वीडियोज में देख रहे होंगे। अब फाइनली ये फिल्म थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है। आखिर कैसी है जुनैद खान और खुशी कपूर की ये फिल्म इसके लिए पढ़िए न्यूज24 का रिव्यू।
कहानी
कहानी की शुरुआत दिल्ली से होती है, जहां गौरव सचदेवा (जुनैद खान) और बनी शर्मा (खुशी कपूर) एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और जैसा कि हमने ट्रेलर में ही देख लिया है, बनी के पिता अतुल कुमार शर्मा (आशुतोष राणा) दोनों के सामने एक शर्त रखकर उन्हें एक दिन के लिए फोन आपस में बदलने को कहते हैं और वहीं से मामला घूम जाता है। दोनों को एक दूसरे के प्यार पर जितना कॉन्फिडेंस था, उतना ही एक दूसरे के फोन देखने के बाद भरोसा टूट-था जाता है और फिर आगे जाने के लिए आपको अपने नजदीकी थिएटर का रुख करना होगा।
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निर्देशन, राइटिंग और म्यूजिक
अद्वैत चंदन ने लवयापा को डायरेक्ट किया है और ये कह सकते हैं कि उन्होंने आज के दौर के जनरेशन पर अच्छा रिसर्च किया है। फिल्म के एक सीन में जुनैद के पीछे आमिर खान की फिल्म का एक सीन लगाकर अद्वैत ने जरूर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट को ट्रिब्यूट दिया है, जो अच्छा लगा। फिल्म के पंच लाइन्स गुदगुदाने वाले हैं वहीं फिल्म ने कहीं बोर नहीं किया है। डायलॉग्स और राइटिंग के मामले में स्नेहा देसाई और सिद्धांत मागो ने अच्छा काम किया है। फिल्म के पहले भाग में जहां ट्रेलर में दिखाई गई कहानी है, वहीं दूसरे भाग में कई बातों को अच्छे संदेश के रूप में प्रदर्शित किया गया है। बॉडी शेमिंग हो या मॉर्फेड वीडियो या साइबर बुली इन्हें अच्छे से मेसेज के तौर पर दिखाया गया है।
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एक्टिंग
दोनों जुनैद खान और खुशी कपूर की ये पहली थिएटर रिलीज है। इससे पहले दोनों नेटफ्लिक्स की फिल्म महाराज और आर्चीज में नजर आ चुके हैं। ट्रेलर देखकर ऐसा लगा था की शायद फिल्म देखकर डिसअपॉइंट हों पर ऐसा नहीं है। जुनैद ने आज के दौर के लड़के के किरदार को अच्छे से पकड़ रखा है और महाराज से बेहद अपोजिट एक अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। एक टिपिकल दिल्ली के लड़के के किरदार को जुनैद ने अच्छे से निभाया है वही खुशी कपूर ने भी अपने किरदार के साथ ईमानदारी बरती है और हर सीन में क्यूट लगी हैं। फिल्म में आशुतोष राणा, कीकू शारदा, गुरुशा कपूर जैसे बेहतरीन एक्ट्रेस भी हैं जो जब आए छा गए।
फाइनल वर्डिक्ट
फिल्म अपने नाम से बेहद ही अलग है और अच्छे मेसेज देने वाली फ़िल्म है। फ़िल्म थोड़ी रिलेटेबल है और आज के दौर में जहाँ हम अपने अपने फोन में लगे रहते हैं वही फोन से निकल कर ये फ़िल्म देखी जा सकती है.