यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। इस परीक्षा में सफलता हासिल करना आसान काम नहीं है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार सालों साल कोचिंग भी करते हैं, लेकिन इसके बावजूद केवल मुट्ठीभर उम्मीदवार ही इस परीक्षा में पास होकर अपना आईएएस व आईपीएस बनने का सपना पूरा कर पाते हैं। हालांकि, एक उम्मीदवार ऐसी हैं, जिन्होंने यह साबित कर दिखाया है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से कुछ भी संभव है।
बिना कोचिंग क्रैक किया UPSC
दरअसल, हम बात कर रहे हैं प्रयागराज, उत्तर प्रदेश की रहने वाली अंशिका वर्मा की। उन्होंने नोएडा के गलगोटिया कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री पूरी करने के ठीक एक साल बाद 2019 में अपनी यूपीएससी यात्रा शुरू कर दी. उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी बिना किसी कोचिंग के ही की. हालांकि, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने खुद को पूरी तरह से अपनी पढ़ाई के लिए समर्पित कर दिया।
दूसरे प्रयास में बनीं IPS
साल 2020 में, अपने दूसरे प्रयास में, अंशिका ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 136वीं रैंक हासिल करके एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने आईपीएस (IPS) का पद प्राप्त किया. अंशिका के माता-पिता ने उनकी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके पिता, उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड (UPEL) से रिटायर्ड कर्मचारी हैं, और उनकी मां, एक गृहिणी हैं। उनके माता-पिता ने परीक्षा की तैयारी के समय आए उतार-चढ़ाव के दौरान उनका निरंतर प्रोत्साहन किया।
अंशिका बनीं आशा की मिसाल
वहीं, अपनी पेशेवर उपलब्धियों से परे, अंशिका सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। जहां वह देश भर में अनगिनत महत्वाकांक्षी सिविल सेवकों को प्रेरित करते हुए अपनी अंतर्दृष्टि और अनुभव साझा करती हैं। उनकी कहानी उम्मीदवारों के लिए आशा की एक मिसाल है, जो साबित करती है कि यूपीएससी परीक्षा में सफलता कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।