भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इससे जुड़ी नौकरियों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. खासकर एजेंटिक एआई इंजीनियर की मांग में 2026 में सालाना आधार पर 260 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. यह उभरती टेक्नोलॉजी से जुड़ी नौकरियों में सबसे तेज वृद्धि है. मानव संसाधन समाधान कंपनी सीआईईएल एचआर की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई. रिपोर्ट के अनुसार, जनरेटिव एआई समाधान विकसित करने वाले इंजीनियरों और एआई प्रोडक्ट मैनेजरों की मांग भी 120-120 प्रतिशत बढ़ी है. इसके अलावा एलएलएम इंजीनियर की मांग में 86.5 प्रतिशत और एमएलऑप्स इंजीनियर की मांग में 82.2 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.
लाखों जॉब पोस्टिंग और प्रोफाइल के आधार पर तैयार हुई रिपोर्ट
सीआईईएल एचआर ने यह रिपोर्ट मार्च 2024 से मई 2026 के बीच जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर तैयार की है. इसमें 45 करोड़ से ज्यादा जॉब पोस्टिंग, 3 करोड़ से अधिक प्रोफेशनल प्रोफाइल और 10,000 से ज्यादा स्किल्स से जुड़े डेटा का विश्लेषण किया गया.
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रिपोर्ट बताती है कि AI अब टेक्नोलॉजी से जुड़े कई रोजमर्रा के काम खुद संभाल रहा है. उदाहरण के लिए, टिकट सॉल्व करने और रिपोर्ट तैयार करने जैसे कामों का 70 प्रतिशत तक हिस्सा AI के जरिए किया जा रहा है. वहीं, टेस्ट केस तैयार करने में भी करीब 65 प्रतिशत काम AI से कराया जा रहा है. इसका सीधा असर उन नौकरियों पर पड़ रहा है, जिनमें नियमित और दोहराए जाने वाले काम ज्यादा होते हैं. हालांकि, कई जगह अब भी इंसानी निगरानी और अंतिम जांच की जरूरत बनी हुई है.
AI बनाने और संभालने वालों की बढ़ रही मांग
सीआईईएल एचआर के प्रबंध निदेशक और सीईओ आदित्य नारायण मिश्रा के मुताबिक, AI के कारण टेक्नोलॉजी से जुड़ी नौकरियों की जरूरत बदल रही है. नियमित काम तेजी से ऑटोमेट हो रहे हैं, जबकि वास्तविक कारोबारी जरूरतों के लिए AI तैयार करने, उसे सिस्टम में जोड़ने और मैनेज करने वाले प्रोफेशनल्स की मांग बढ़ रही है.
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रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां अब बाहर से कर्मचारियों को नियुक्त करने के साथ-साथ अपने मौजूदा कर्मचारियों को भी AI से जुड़े नए कौशल सिखा रही हैं. IT कंपनियां क्लाउड ट्रेनिंग, सर्टिफिकेशन, एंटरप्राइज AI और शुरुआती करियर वाले कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही हैं. जनरेटिव एआई, AI/ML, क्लाउड इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा, डेटा इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां आने वाले समय में कुशल कर्मचारियों की जरूरत बढ़ने की उम्मीद है. रिपोर्ट में कहा गया है कि AI, क्लाउड और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कौशल की कमी 38 से 61 प्रतिशत तक है. ऐसे में कंपनियों के लिए नए लोगों की भर्ती के साथ अपने मौजूदा कर्मचारियों को अपस्किल करना भी जरूरी हो गया है.
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