Aadhaar Verification Portal: सरकारी और निजी सेवाओं में आधार का उपयोग तो आप करते ही होंगे, लेकिन अब इसकी प्रक्रिया और सरल हो गई है। भारत सरकार ने एक नया आधार वेरिफिकेशन पोर्टल (swik.meity.gov.in) लॉन्च किया है, जिससे कई संस्थाएं आसानी से आधार-आधारित वेरिफिकेशन कर सकेंगी। यह पोर्टल सरकारी और निजी कंपनियों को नागरिकों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं देने में मदद करेगा। अब ई-कॉमर्स, हेल्थकेयर, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी आधार वेरिफिकेशन का उपयोग किया जा सकेगा। इस नए बदलाव से सेवाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को बिना किसी झंझट के जरूरी सुविधाएं मिलेंगी।
आधार वेरिफिकेशन के लिए नया पोर्टल लॉन्च
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने swik.meity.gov.in नाम से एक नया आधार वेरिफिकेशन पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल Aadhaar Authentication for Good Governance (Social Welfare, Innovation, Knowledge) Amendment Rules, 2025 के तहत शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं को आधार वेरिफिकेशन की सुविधा देना है, जिससे जनता को अधिक सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें। इस पोर्टल के जरिए कोई भी पात्र संस्था आधार वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकती है और अप्रूवल मिलने के बाद इसे अपनी सेवाओं में जोड़ सकती है। यह रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, आवेदन जमा करना, स्वीकृति प्राप्त करना, आधार वेरिफिकेशन को सेवा में शामिल करना और अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए इसे लागू करने जैसे चरणों में पूरी की जाती है।
Just Launched 📢#AadhaarGoodGovernancePortal has been launched today by Shri S. Krishnan, @SecretaryMEITY. The portal aims to enhance #EaseofLiving & enable better access to service through #Aadhaar authentication.#SWIK pic.twitter.com/Tgt2HR2ho1
— Aadhaar (@UIDAI) February 27, 2025
---विज्ञापन---
किन संस्थाओं को मिलेगा फायदा?
इस पोर्टल का उपयोग करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सरकारी और निजी दोनों संस्थाएं जैसे कि हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां और शिक्षण संस्थान, इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि आधार वेरिफिकेशन का उपयोग केवल जनहित सेवाओं, नवाचार, ज्ञान प्रसार और जीवन को सुगम बनाने के लिए किया जा सकता है। साथ ही डेटा सुरक्षा के लिए आधार अधिनियम के नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। निजी कंपनियां फेस ऑथेंटिकेशन जैसी सुविधाओं को अपने ऐप्स में जोड़ सकती हैं, जिससे उपयोगकर्ता आसानी से वेरिफिकेशन कर सकें।
डिजिटल इंडिया मिशन को मिलेगा बढ़ावा
यह नया संशोधन सरकारी विभागों से आगे बढ़कर कई अन्य क्षेत्रों को भी आधार-आधारित वेरिफिकेशन की सुविधा देता है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, नागरिक-केंद्रित सेवाएं बेहतर होंगी और सेवाओं की प्रक्रिया आसान बनेगी। यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूत बनाएगी और सरकारी तथा निजी क्षेत्रों के बीच कोऑर्डिनेशन को बढ़ावा देगी। आधार वेरिफिकेशन की इस नई व्यवस्था से आम जनता को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी, जिससे देश में डिजिटल परिवर्तन की गति और ज्यादा तेज होगी।