Google Paid 2.7 Billion Dollars To Rehire AI Expert : टेक इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी गूगल ने अपने एक पूर्व कर्मचारी को दोबारा काम पर रखने के लिए बेहद मोटी रकम चुकानी पड़ी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जीनियस कहे जाने वाले इस शख्स का नाम नोम शजीर (Noam Shazeer) है, जिन्होंने गूगल से गुस्सा होकर अपना स्टार्टअप खड़ा करने के लिए नौकरी छोड़ दी थी। अब गूगल ने उन्हें दोबारा काम पर रखने के लिए अब 2.7 बिलियन डॉलर यानी करीब 22,584 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
48 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर शजीर सबसे पहले साल 2000 में गूगल के साथ जुड़े थे। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार लंबे समय तक गूगल के साथ काम करने के बाद साल 2021 में उन्होंने कंपनी छोड़ दी थी क्योंकि गूगल ने एक चैटबॉट रिलीज करने की उनकी रिक्वेस्ट को नकार दिया था। इस चैटबॉट को शजीर ने अपने साथी डेनियल डि फ्रीटास के साथ मिलकर बनाया था। इसके बाद शजीर और डेनियल ने Character.AI डेवलप किया जो सिलिकन वैली के सबसे शानदार स्टार्टअप्स में से एक बन गया था।
इसके बाद गूगल ने एलान किया कि वह अब गूगल की एआई यूनिट डीपमाइंड के साथ जुड़ने जा रहे हैं। कंपनी ने Character.AI की टेक्नोलॉजी को अपना बनाने और शजीर को दोबारा कंपनी में लाने के लिए 2.7 बिलियन डॉलर का भुगतान किया है। इस डील के बाद शजीर का स्टार्टअप गूगल की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी बन गया है। बताया जाता है कि गूगल के पूर्व सीसीओ एरिक स्मिट भी शजीर से काफी प्रभावित थे। जानकारी के अनुसार शजीर का एआई मॉडल इंसानों के स्तर की बुद्धिमत्ता के साथ ऑपरेट कर सकता है।
इस वजह से तोड़ा था गूगल से नाता
बता दें कि साल 2017 में नोम ने मीना (Meena) नाम का एक बेहद एडवांस्ड चैटबॉट डेवलप किया था जो कई तरह के मुद्दों पर इंसानों से बात कर सकता था। उस समय वह मीना चैटबॉट की यूटिलिटी को लेकर इतना ज्यादा कॉन्फिडेंट थे कि उन्होंने यह कह दिया था कि एक दिन यह चैटबॉट गूगल के सर्च इंजन की जगह ले लेगा। लेकिन उस समय गूगल के टॉप मैनेजमेंट को लगा था कि इसे रिलीज करना खतरनाक साबित होगा। इसी बात से नाराज हुए शजीर ने कंपनी को अलविदा कह देने का फैसला ले लिया था।
अब गूगल के लिए क्या करेंगे शजीर?
इसे रिलीज न करने के पीछे गूगल ने सेफ्टी और फेयरनेस से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया था। अब गूगल में वापसी के बाद नोम शजीर कंपनी के नेक्स्ट जेनरेशन एआई मॉडल जेमिनी (Gemini) के अगले वर्जन को बनाने में कंपनी को लीड करेंगे। बचा दें कि गूगल ने जेमिनी एआई को ओपनएआई के चैटजीपीटी जैसे प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने के लिए बनाया था। अब देखना यह है कि क्या शजीर को वापस लाकर गूगल चैटजीपीटी और माइक्रोसॉफ्ट के को-पायलट जैसे एआई मॉडल्स का मुकाबला कर पाएगी।