Future of electric vehicles: इलेक्ट्रिक वाहन को भविष्य के लिए अहम ऑप्शन के रूप में देखा जा रहा है। ये वाहन बैटरी से चलती हैं और पेट्रोल/डीजल के बजाय इलेक्ट्रिक मोटर का उपयोग करती हैं। इन गाड़ियों को चार्जिंग स्टेशनों से चार्ज किया जाता है और ये सस्ता ईंधन, कम प्रदूषण, और लो मेंटेनेंस जैसी खूबियों के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। लेकिन क्या सच में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य उज्जवल है ? आइये जानते हैं….
इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रकार
बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन (BEV) – पूरी तरह बैटरी से चलने वाले वाहन (जैसे Tata Nexon EV, Tesla Model 3) प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (PHEV) – बैटरी और पेट्रोल/डीजल दोनों का उपयोग (जैसे Toyota Prius PHEV)
हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन (HEV) – छोटी बैटरी और पेट्रोल इंजन, जो ज्यादा माइलेज देता है (जैसे Honda City e:HEV, Maruti Grand Vitara Hybrid)
हाइड्रोजन फ्यूल सेल EV (FCEV) – हाइड्रोजन गैस से बिजली बनाकर चलने वाले वाहन (जैसे Toyota Mirai, Hyundai Nexo)
इलेक्ट्रिक वाहनों के फायदे
- EVs पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और कोई धुआं नहीं होता ये CO2 उत्सर्जन कम करते हैं
- पेट्रोल/डीजल की तुलना में EVs सस्ती पड़ती है
- इलेक्ट्रिक वाहनों में इंजन, गियरबॉक्स नहीं होता ऐसे में सर्विस कॉस्ट कम होती है
- तेज़ पिकअप और कम शोर की वजह से बेहतर ड्राइविंग अनुभव मिलता है
- भारत में FAME-II स्कीम के तहत सरकार की तरफ से सब्सिडी मिलती है
EV के नुकसान और चुनौतियां
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी –देश में अभी भी चार्जिंग स्टेशन कम हैं
- बैटरी की कीमत ज्यादा – EV की शुरुआती लागत अधिक है
- चार्जिंग में समय लगता है – पेट्रोल भरने जितना तेज़ नहीं
- रेंज की टेंशन – फुल चार्ज पर कितनी दूर जा पाएगा?
- बैटरी रिप्लेसमेंट महंगा – बैटरी लाइफ 6-10 साल की होती है, फिर बदलनी पड़ती है
भारत में EV का भविष्य
सरकार की योजनाएं
- FAME-II (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles) – EVs पर सब्सिडी
- GST में कटौती – EVs पर 5% GST (पेट्रोल कारों पर 28%)
- EV चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाई जा रही है
EV के लिए नई बैटरी टेक्नोलॉजी
- सॉलिड-स्टेट बैटरी – चार्जिंग जल्दी, ज्यादा रेंज
- लिथियम-आयन बैटरी का बेहतर वर्जन
- हाइड्रोजन फ्यूल सेल का भविष्य उज्जवल
EV का भविष्य
- 2030 तक भारत में 30% वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।
- EV बैटरी सस्ती होने से कीमत कम होगी।
- चार्जिंग स्टेशन हर जगह होंगे, जिससे EV को अपनाना आसान होगा।
- स्वदेशी बैटरी मैन्युफैक्चरिंग (Made in India) से EV इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।
क्या आपको EV खरीदनी चाहिए?
अगर आपके पास घर या ऑफिस में चार्जिंग की सुविधा है और रोज़ाना 50-100 किमी का सफर करते हैं, तो EV एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। अगर लॉन्ग ट्रिप्स ज्यादा होती हैं और चार्जिंग स्टेशन की सुविधा नहीं है, तो हाइब्रिड वाहन या पेट्रोल/डीजल विकल्प फिलहाल बेहतर हो सकते हैं। EVs का भविष्य उज्ज्वल है, और आने वाले समय में यह दुनिया की प्रमुख परिवहन तकनीक बन जाएगी!
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