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डीजल कारें पेट्रोल से ज्यादा बेहतर माइलेज क्यों देती हैं? जानिए असली वजह

नई कार खरीदते समय अगर माइलेज आपकी पहली शर्त है, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर डीजल कारें पेट्रोल के मुकाबले ज्यादा एवरेज क्यों देती हैं. सिर्फ ईंधन की कीमत नहीं, बल्कि इंजन की टेक्नोलॉजी और फ्यूल की ताकत इसके पीछे की असली वजह है, जिसे जानकर आपका अगला फैसला बदल सकता है.

Author Written By: Mikita Acharya Updated: Jan 17, 2026 15:08
PETROL-DIESEL
डीजल कारें पेट्रोल से ज्यादा माइलेज क्यों देती हैं? (Phot-News24 GFX)
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Diesel Car vs Petrol Car Mileage: जब भी नई गाड़ी खरीदने की बात आती है, तो सबसे पहला सवाल माइलेज को लेकर ही उठता है. खासकर भारत जैसे देश में, जहां रोजमर्रा के खर्च सीधे जेब पर असर डालते हैं. अक्सर लोग यह कहते सुने जाते हैं कि डीजल कारें पेट्रोल कारों के मुकाबले ज्यादा माइलेज देती हैं, लेकिन ऐसा आखिर क्यों होता है? क्या यह सिर्फ फ्यूल की कीमत का मामला है या इसके पीछे कोई तकनीकी वजह भी है? अगर आप भी इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, तो आइए इसकी असली वजह समझते हैं.

डीजल फ्यूल में होती है ज्यादा एनर्जी

डीजल कार के बेहतर माइलेज की सबसे बड़ी वजह खुद डीजल फ्यूल है. पेट्रोल के मुकाबले डीजल में प्रति लीटर ज्यादा एनर्जी मौजूद होती है. इसका सीधा मतलब यह है कि डीजल इंजन एक ही मात्रा के फ्यूल से ज्यादा दूरी तय कर सकता है. इसलिए जब डीजल कार चलती है, तो कम ईंधन में लंबा सफर तय हो जाता है और माइलेज अपने आप बेहतर निकलता है. आसान शब्दों में कहें तो डीजल फ्यूल ज्यादा पावरफुल होता है.

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डीजल इंजन का कम्प्रेशन रेशियो ज्यादा

डीजल इंजन, पेट्रोल इंजन की तुलना में कहीं ज्यादा कम्प्रेशन रेशियो पर काम करता है. जहां पेट्रोल इंजन आमतौर पर 8:1 से 12:1 के कम्प्रेशन पर चलता है, वहीं डीजल इंजन 20:1 या उससे भी ज्यादा कम्प्रेशन इस्तेमाल करता है. ज्यादा कम्प्रेशन का फायदा यह होता है कि फ्यूल ज्यादा अच्छे से और पूरी तरह जलता है. जब फ्यूल पूरी तरह बर्न होता है, तो हर बूंद से ज्यादा पावर निकलती है, जिससे माइलेज बढ़ जाता है.

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कम्प्रेशन इग्निशन टेक्नोलॉजी का फायदा

पेट्रोल कारों में फ्यूल को जलाने के लिए स्पार्क प्लग की जरूरत होती है, लेकिन डीजल इंजन का तरीका अलग होता है. डीजल इंजन में हवा को पहले बहुत ज्यादा दबाया जाता है, जिससे उसका तापमान काफी बढ़ जाता है. जब इस गर्म हवा में डीजल फ्यूल डाला जाता है, तो वह अपने आप जलने लगता है. इस प्रक्रिया को कम्प्रेशन इग्निशन कहा जाता है. इससे फ्यूल ज्यादा कंट्रोल में और बेहतर तरीके से जलता है, जिससे फ्यूल की बर्बादी कम होती है और माइलेज ज्यादा मिलता है.

कम इंजन स्पीड पर भी बेहतर परफॉर्मेंस

डीजल इंजन की एक खासियत यह भी है कि वह कम RPM यानी कम इंजन स्पीड पर भी अच्छा टॉर्क देता है. इसका फायदा यह होता है कि हाईवे ड्राइव या लंबी दूरी की यात्रा में इंजन पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और फ्यूल की खपत कम रहती है. यही वजह है कि लॉन्ग ड्राइव के लिए डीजल कारें ज्यादा किफायती मानी जाती हैं.

अगर सीधे और सरल शब्दों में कहा जाए, तो डीजल कारें बेहतर माइलेज इसलिए देती हैं क्योंकि डीजल फ्यूल में ज्यादा एनर्जी होती है, डीजल इंजन ज्यादा कम्प्रेशन पर काम करता है और कम्प्रेशन इग्निशन टेक्नोलॉजी की वजह से फ्यूल ज्यादा अच्छे से जलता है. यही तीन वजहें डीजल कारों को माइलेज के मामले में पेट्रोल कारों से आगे रखती हैं.

ये भी पढ़ें- लॉन्च के 6 महीने में ही Tesla को देना पड़ा डिस्काउंट, 2 लाख रुपये सस्ता हुई Model Y

First published on: Jan 17, 2026 03:03 PM

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