Vivah Muhurat 2022: 21 नवंबर से फिर बजेंगे ‘बैंड-बाजे’, विवाह के लिए बन रहें हैं ये 10 शुभ मुहूर्त

vivah muhurat 2022, Shubh Vivah Muhurat 2022, vivah muhurat in november 2022, vivah muhurat 2022 december,

Shubh Vivah Muhurat 2022: कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी (अथवा देवउठनी एकादशी) के साथ ही हिंदू धर्म में धार्मिक और शुभ कार्यों को करने की शुरूआत हो चुकी है। हालांकि अभी शुक्र के अस्त होने के कारण विवाह के मुहूर्त नहीं निकल सके हैं। ज्योतिषियों के अनुसार शुक्र ग्रह 21 नवंबर को उदित होगा जिसके बाद विवाह कार्यक्रम भी संपन्न हो सकेंगे।

विज्ञापन

हिंदू पंचांग के अनुसार शुक्र उदय होने के बाद इस वर्ष में विवाह के लिए 15 दिन शुभ मुहूर्त रहेंगे। इनमें से कुछ अबूझ होंगे जबकि बाकी पर जन्मकुंडली तथा नाम राशि के आधार पर शुभ रहेंगे। जानिए कब-कब हैं अच्छे वैवाहिक मुहूर्त

विज्ञापन

21 नवंबर के बाद है विवाह के लिए अच्छे मुहूर्त (Shubh Vivah Muhurat 2022)

आम तौर पर देवउठनी एकादशी के साथ ही विवाह शुरू हो जाते हैं। परन्तु कई बार गुरु अथवा शुक्र ग्रहों के अस्त होने के कारण विवाह तथा अन्य धार्मिक कार्य नहीं हो पाते हैं। विवाह के लिए इन दोनों ही ग्रहों का उदय होना आवश्यक है। इस बार भी ऐसी ही स्थिति बन रही है। शुक्र ग्रह के अस्त होने के अभी भी विवाह नहीं हो पा रहे हैं। अब 21 नवंबर को शुक्र उदय होने के साथ ही अच्छे मुहूर्त मिल जाएंगे।

विज्ञापन

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवंबर में 24, 25, 26, 27 और 28 नवंबर को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रहेंगे। इसी तरह दिसंबर माह में 2, 7, 8, 9 और 15 दिसंबर को अच्छे मुहूर्त रहेंगे। ये मुहूर्त दिवा और रात्रि लग्न के आधार पर माने गए हैं। इनमें भी 25 नवंबर और 2 दिसंबर को अबूझ मुहूर्त माने गए हैं यानि आपको मुहूर्त के लिए किसी पंडित से पूछने की भी जरूरत नहीं है।

विज्ञापन

16 दिसंबर के बाद नहीं हो सकेंगे विवाह (Khar Maah)

इस वर्ष विवाह के लिए 15 दिसंबर अंतिम मुहूर्त है। 16 दिसंबर को खर मास आरंभ होने के कारण सभी मांगलिक कार्यों पर अगले एक महीने के लिए रोक लग जाएगी। ऐसे में विवाह भी टल जाएंगे। इसके बाद विवाह अगले वर्ष 15 जनवरी के बाद ही हो सकेंगे।

16 दिसंबर के बाद इन कार्यों पर भी लगेगी रोक

खर मास की शुरूआत के साथ ही हिंदू धर्म में सभी मांगलिक कार्य बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे में देव प्रतिमा स्थापना, विवाह, उपनयन संस्कार, देवोपासना, यज्ञ, धार्मिक कर्मकांड, पूजा-पाठ आदि पर भी रोक लग जाती है। खर मास की समाप्ति के बाद शुभ मुहूर्त आने पर ही इन सभी कार्यों का शुभारंभ किया जाता है।

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष के ज्ञान पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। news24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ