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Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर ऐसे करें शिव जी की पूजा, धन-धान्य से संपन्न रहेगा आपका घर

Mahashivratri 2023: आज महाशिवरात्रि है। इसे ‘शिव की रात’ के रूप में भी जाना जाता है। हिंदू सनातन धर्म में शिवरात्रि का खास महत्व है। यह त्योहार है हर साल भगवान शिव के सम्मान में मनाया जाता है। यह त्योहार हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू […]

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Mahashivratri 2023: आज महाशिवरात्रि है। इसे ‘शिव की रात’ के रूप में भी जाना जाता है। हिंदू सनातन धर्म में शिवरात्रि का खास महत्व है। यह त्योहार है हर साल भगवान शिव के सम्मान में मनाया जाता है। यह त्योहार हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म शास्त्र के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।

इस साल महाशिवरात्रि के मौके पर खास त्रिग्रही योग बन रहा है। 17 जनवरी 2023 को न्याय देव शनि कुंभ राशि में विराजमान हुए थे। अब 13 फरवरी को ग्रहों के राजा सूर्य भी इस राशि में प्रवेश करने वाले हैं। आज शनि और सूर्य के अलावा चंद्रमा भी कुंभ राशि में होगा। इसलिए कुंभ राशि में शनि, सूर्य और चंद्रमा मिलकर त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इसे बड़ा ही दुर्लभ संयोग माना जाता है। जोकि शिवजी की कृपा पाने और शनि दोष को दूर करने के लिए बेहद कारगर है। शुभ संयोग और शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

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महाशिवरात्रि के मौके पर सुबह-सुबह शिवशंकर भोलेनाथ को खुश करने के लिए श्रद्धालु मंदिरों में शिवलिग पर दूध, जल, गंगाजल, धतूरा, आक, दही, बेलपत्र, गन्ने का रस, फल, फूल आदि चढ़ाकर जलाभिषेक कर रहे हैं।

महाशिवरात्रि पूजा-विधि

सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें।
शिवलिंग में गंगा जल और दूध चढ़ाएं।
भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें।
भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित करें।
शिवलिंग पर दूध या जल से अभिषेक करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
भगवान शिव की आरती करें और भोग भी लगाएं।
भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

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महाशिवरात्रि पर इन शिव मंत्रों का करें जाप

महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शिव तारक मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

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शिवजी का शक्तिशाली मंत्र
नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे. सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नम:।

  डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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First published on: Feb 18, 2023 08:29 AM

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