Kartik Maas 2023: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज यानी 29 अक्टूबर 2023 से कार्तिक माह शुरू हो रहा है और इसका समापन कार्तिक पूर्णिमा यानी 27 नवंबर 2023 को होगा। आज इस खबर में जानेंगे कि हिंदू धर्म में कार्तिक मास का क्या महत्व है, साथ ही इस माह में गंगा स्नान करने का खास महत्व क्या है और कार्तिक मास को क्यों मोक्ष का द्वार कहा गया है। आइए इन सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कार्तिक माह में गंगा स्नान करने का महत्व
वैदिक ज्योतिष शास्त्र और हिंदू धर्म के अनुसार, जब ग्रहण की समाप्ति होती है, तो स्नान करना बेहद ही आवश्यक होता है। ग्रहण खत्म होने के बाद गंगा, तालाब, कुएं या नहाने वाला पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया जाता है। उसके बाद ही भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना बेहद ही शुभ होता है। इसलिए कार्तिक माह के पहले दिन गंगा स्नान का बेहद खास महत्व दिया गया है।
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कार्तिक मास को कहा जाता है मोक्ष का द्वार
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक माह को मोक्ष का द्वार कहा जाता है, क्योंकि कार्तिक माह भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह चातुर्मास का अंतिम महीना भी होता है। इसलिए कार्तिक माह में गंगा स्नान करने का शुभ फल मिलता है। इसके साथ ही भगवान विष्णु का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कार्तिक में क्या करें क्या न करें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से संसार के सभी तीर्थों का पुण्य प्राप्त होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कार्तिक माह में दीपदान का भी विशेष महत्व है। इस माह में दान-पुण्य, पूजा, धर्म-कर्म करना बेहद शुभ होता है। स्कंद पुराण, नारद पुराण और पद्म पुराण में भी कार्तिक मास का विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए कार्तिक माह को मोक्ष का द्वार कहा गया है।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।










