आखिर कौन थे वो ऋषि जिनका श्राप हुआ फलीभूल और आ गया ‘कलयुग’? पढ़ें रोचक कथा
Kalyug Story: कलयुग का आगमन कैसे हुआ इसकी जिज्ञासा अक्सर लोगों के मन में होती है। आइए जानते हैं कि आखिर किस ऋषि के श्राप से कलयुग का आगमन हुआ और यह कब तक चलेगा।
Edited By : Dipesh Thakur|Updated: Mar 7, 2024 22:34
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Kalyug Strory: कलयुग को लेकर शास्त्र-पुराणों में कई कथाओं का जिक्र किया गया है। कलयुग के आगमन को लेकर महाभारत में भी उल्लेख मिलता है। महाभारत में वर्णित कथा के मुताबिक कलयुग की उत्पत्ति एक ऋषि के श्राप के फलीभूत होने से हुई। कलयुग को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न बार-बार उठता है कि आखिर इसकी शुरुआत कैसे हुई? कलियुग कब तक चलेगा? और यह कितने वर्षों का है। आइए महाभारत के आदि पर्व में वर्णित कथा के अनुसार, जानते हैं कि आखिर वो ऋषि कौन थे जिनके जिनका श्राप फलीभूत हुआ तो कलयुग का आरंभ हो गया।
श्रृंगी के श्राप से शुरू हुआ कलयुग
सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथ महाभारत के अनुसार, एक बार श्रृंगी ऋषि ने राजा परीक्षित को गुस्से में आकर श्राप दे दिया। दरअसल, राजा परीक्षित अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र थे। शास्त्रों में राजा परीक्षित के बारे में ऐसा वर्णन मिलता है कि वे एक न्यायप्रिय राजा थे और उनके शासन काल में प्रजा अपना जीवन सुख पूर्वक व्यतीत करती थी। कहते हैं कि एक बार वे शिकार करने जंगल में गए, जहां उन्होंने शमीक ऋषि को ध्यान करते देखा। ऋषि शमीक ध्यान की अवस्था में बिल्कुल मौन थे। ध्यान और मौन की वजह से ऋषि ने राजा परीक्षित से बात नहीं की। जिसके बाद उन्हें क्रोध आ गया। राजा परीक्षित ने क्रोध वश ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया।
जब इस घटना की जानकारी ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी को हुई तो उन्होंने राजा परीक्षित को श्राप दे दिया। श्रृंगी ऋषि ने राजा परीक्षित को श्राप देते हुए कहा कि सात दिनों के अंदर उनकी मृत्यु तक्षक नाग के डसने से होगी। समय आने पर श्रृंगी ऋषि का श्राप फलीभूत हुआ और तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया। जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। परिणामस्वरूप कलयुग का आगमन हुआ। कलयुग के आगमन का यह प्रसंग महाभारत के आदि पर्व में मिलता है।
कब तक रहेगा कलयुग, क्या है इसकी आयु
कलयुग की पूरी अवधि को लेकर विद्वानों का मत है कि अब तक कलयुग के 3102+2023 यानी 5125 वर्ष गुजर चुके हैं। जबकि 4,32,000 में से 5125 वर्ष घटाने पर शेषफल- 4,26,875 प्राप्त होता है। इससे स्पष्ट है कि कलयुग खत्म होने में अभी काफी समय बाकी है। शास्त्रों में कलयुग के चार चरण बताए गए हैं। इस वक्त कलयुग का पहला चरण चल रहा है। भविष्य पुराण के मुताबिक, कलयुग के चौथे चरण में मनुष्य की आयु महज 20 वर्ष की होगी।
डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
Kalyug Strory: कलयुग को लेकर शास्त्र-पुराणों में कई कथाओं का जिक्र किया गया है। कलयुग के आगमन को लेकर महाभारत में भी उल्लेख मिलता है। महाभारत में वर्णित कथा के मुताबिक कलयुग की उत्पत्ति एक ऋषि के श्राप के फलीभूत होने से हुई। कलयुग को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न बार-बार उठता है कि आखिर इसकी शुरुआत कैसे हुई? कलियुग कब तक चलेगा? और यह कितने वर्षों का है। आइए महाभारत के आदि पर्व में वर्णित कथा के अनुसार, जानते हैं कि आखिर वो ऋषि कौन थे जिनके जिनका श्राप फलीभूत हुआ तो कलयुग का आरंभ हो गया।
श्रृंगी के श्राप से शुरू हुआ कलयुग
सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथ महाभारत के अनुसार, एक बार श्रृंगी ऋषि ने राजा परीक्षित को गुस्से में आकर श्राप दे दिया। दरअसल, राजा परीक्षित अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र थे। शास्त्रों में राजा परीक्षित के बारे में ऐसा वर्णन मिलता है कि वे एक न्यायप्रिय राजा थे और उनके शासन काल में प्रजा अपना जीवन सुख पूर्वक व्यतीत करती थी। कहते हैं कि एक बार वे शिकार करने जंगल में गए, जहां उन्होंने शमीक ऋषि को ध्यान करते देखा। ऋषि शमीक ध्यान की अवस्था में बिल्कुल मौन थे। ध्यान और मौन की वजह से ऋषि ने राजा परीक्षित से बात नहीं की। जिसके बाद उन्हें क्रोध आ गया। राजा परीक्षित ने क्रोध वश ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया।
जब इस घटना की जानकारी ऋषि शमीक के पुत्र श्रृंगी को हुई तो उन्होंने राजा परीक्षित को श्राप दे दिया। श्रृंगी ऋषि ने राजा परीक्षित को श्राप देते हुए कहा कि सात दिनों के अंदर उनकी मृत्यु तक्षक नाग के डसने से होगी। समय आने पर श्रृंगी ऋषि का श्राप फलीभूत हुआ और तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया। जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। परिणामस्वरूप कलयुग का आगमन हुआ। कलयुग के आगमन का यह प्रसंग महाभारत के आदि पर्व में मिलता है।
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कब तक रहेगा कलयुग, क्या है इसकी आयु
कलयुग की पूरी अवधि को लेकर विद्वानों का मत है कि अब तक कलयुग के 3102+2023 यानी 5125 वर्ष गुजर चुके हैं। जबकि 4,32,000 में से 5125 वर्ष घटाने पर शेषफल- 4,26,875 प्राप्त होता है। इससे स्पष्ट है कि कलयुग खत्म होने में अभी काफी समय बाकी है। शास्त्रों में कलयुग के चार चरण बताए गए हैं। इस वक्त कलयुग का पहला चरण चल रहा है। भविष्य पुराण के मुताबिक, कलयुग के चौथे चरण में मनुष्य की आयु महज 20 वर्ष की होगी।
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