Jyotish Tips: अगले 25 दिनों में कभी भी करें ये उपाय, करते ही हो जाएंगे मालामाल
Edited By Sunil Sharma

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Jyotish Tips: भारतीय हिंदू पंचांग आज भी आधुनिक खगोल विज्ञान को टक्कर देता है। इसके आधार पर आज से एक हजार वर्ष बाद किस दिन कौनसा वार आएगा, कौनसी तिथि होगी और कब ग्रहण होगा, यह तक बताया जा सकता है। पंचांग के आधार पर आप शुभ और अशुभ योग, मुहूर्त आदि ज्ञात कर सकते हैं।
दिसंबर 2022 की शुरुआत बहुत ही शुभ मुहूर्त में हुई है। एक दिसंबर के दिन रवि, हंस और पंच महापुरुष राजयोग जैसे शुभ योग बन रहे थे। इनके अलावा सभी 27 नक्षत्रों में शुभ पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र भी बना हुआ था। इन सभी मुहूर्तों और योगों में शुरु हुआ दिसंबर का माह बहुत ही शुभ एवं कल्याणकारी बन गया है।
जन्मकुंडली में जब 5 ग्रह अलग-अलग राजयोग बनाते हैं तो उसे पंच महापुरुष राजयोग कहा जाता है। इस राजयोग में व्यक्ति धीरे-धीरे आगे बढ़ता है लेकिन वह दूसरों की तुलना में अत्यधिक ऊंचाई पर पहुंच जाता है। जिनकी कुंडली में यह योग होता है, वे अपने जीवन में कोई न कोई एक बड़ा काम करते हैं।
यह योग तब बनता है जब देवगुरु बृहस्पति स्वराशि धनु या मीन राशि में जाकर कुंडली के पहले, चौथे, सातवें या दसवें घर में स्थित होता है। जिनकी जन्मकुंडली में हंस योग होता है, वे अत्यधिक बुद्धिमान तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी होते हैं। ऐसे लोग जहां भी जाते हैं, वहां टॉप मैनेजमेंट में पहुंच जाते हैं।
दिसंबर का महीना इस बार गुरुवार से शुरू हुआ है और चन्द्रमा भी गुरु की राशि मीन में विचरण कर रहा था। ऐसे में यह कई तरह से शुभ रहेगा। परन्तु जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति अशुभ प्रभाव दे रहा है, उन्हें इस महीने पीले रंग के वस्त्र पहनने चाहिए और भगवान विष्णु को हल्दी की माला चढ़ानी चाहिए। इससे उनके कॅरियर में आ रही रुकावटें दूर होंगी।
इसके लिए सर्वोत्तम उपाय है कि आप दिसंबर माह की पूर्णिमा से प्रतिदिन सुबह के समय तुलसी की पूजा करें और जल चढ़ाएं। सायं काल में तुलसी के आगे दीपक जलाएं। यथासंभव गुरुवार के दिन छोटी कन्याओं को पीली मिठाई और दक्षिणा दें। इससे घर में सुख-समृद्धि के भंडार भर जाएंगे।
किसी विद्वान ज्योतिषी से पूछ कर दिसंबर माह में भगवान शिव की पूजा करें। शिवलिंग का जल से अभिषेक करें। इसके बाद 108 बिल्व पत्रों पर सफेद चंदन से ‘ॐ नम: शिवाय’ लिख कर शिवलिंग पर चढ़ाएं। अंत में शिव तांडव स्रोत और शिव लिंगाष्टकम स्रोत का पाठ कर उनसे प्रार्थना करें। इस प्रकार की गई पूजा से प्रसन्न होकर भगवान आशुतोष व्यक्ति के समस्त कष्टों को हर लेते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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