---विज्ञापन---

Garud Puran: मृत्यु के कुछ देर पहले क्यों बंद हो जाती है आवाज? गरुड़ पुराण में बताई गई है ये बात

Garud Puran: गुरुड़ पुराण के अनुसार, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु निकट आती है तो कुछ देर पहले से ही व्यक्ति की बोलती बंद हो जाती है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है। अगर नहीं तो आज इस खबर में इन्हीं सब के बारे में बताने वाले हैं।

Edited By : Raghvendra Tiwari | Updated: Apr 2, 2024 11:22
Share :
Garud Puran

Garud Puran: मृत्यु एक अटल सत्य है, इसे कोई भी टाल नहीं सकता है। मृत्यु का नाम सुनकर सभी लोग भय से कांपने लगते हैं। अगर आप किसी से भी पूछ लें कि आपको किस चीज से ज्यादा डर लगता है तो अधिकतर का जवाब होगा कि मृत्यु। आप सोच रहे होंगे कि आखिर मैं क्यों मृत्यु के नाम से डरा रहा हूं। दरअसल, कभी न कभी हर किसी की एक न एक दिन मौत होना निश्चित है, मौत किसी को बता कर नहीं आती है।

माना जाता है कि मौत आने के कुछ देर पहले से ही मनुष्य की बोलती बंद हो जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? अगर नहीं तो आज इस खबर में जानेंगे कि मौत के कुछ लम्हे पहले व्यक्ति की आवाज क्यों बंद हो जाती है।

मृत्यु के कुछ देर पहले दिखाई देते हैं यमराज

गरुड़ पुराण के अनुसार, जब भी किसी व्यक्ति की मृत्यु निकट आती है तो मृत्यु के कुछ देर पहले ही उस व्यक्ति को यमराज दिखाई देने लगते हैं। मान्यता है कि उस समय व्यक्ति यमराज के भय से कांपने लगता है। जिसके बाद उसकी बोलती बंद हो जाती है। व्यक्ति यमराज को देखकर अचंभे में पड़ जाता है कि यमराज उसे लेने आ गए हैं।

दूसरी मान्यता है कि जब भी व्यक्ति की मृत्यु नजदीक आ जाती है तो उस समय यमराज के दो दूत मरने वाले व्यक्ति के सामने खड़े हो जाते हैं, जिन्हें देखकर व्यक्ति घबराने लगता है और चाहकर भी अपनी जुबान नहीं खोल पाता है। माना जाता है कि उस समय व्यक्ति बोलने की कोशिश तो करता है, लेकिन उसके गले से कुछ भी आवाज नहीं निकल पाती है, जिस वजह से कुछ नहीं बोल पाता है।

गरुड़ पुराण के अनुसार, जब व्यक्ति की मृत्यु निकट आती है तो उस समय यमदूत मरने वाले व्यक्ति पर यमपाश फेंककर प्राण खींचने लगते हैं। मान्यता है कि उस समय व्यक्ति के जीवन की सारी घटनाएं उसकी आखों के सामने आने लगती हैं।

यह भी पढ़ें- सभी रोगों से मुक्ति पाने के लिए शीतला अष्टमी के दिन करें ये चमत्कारी उपाय

यह भी पढ़ें- आज है शीतलाष्टमी का व्रत, जानें शुभ तिथि, मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि

यह भी पढ़ें- शीतला अष्टमी के दिन माता को क्यों लगाया जाता है बासी भोजन का भोग? जानें महत्व और मान्यता

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Apr 02, 2024 11:22 AM

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

संबंधित खबरें