---विज्ञापन---

ज्योतिष angle-right

गणपति को क्यों चढ़ाते हैं दूर्वा? जानें मंत्र नियम और पौराणिक कथा

Durva Niyam: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस तरह भगवान गणेश की पूजा में मोदक का भोग लगया जाता है, ठीक उसी प्रकार दूर्वा चढ़ाने का भी विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाने से संसार के  सुख और संपदा में वृद्धि होती है। इसके साथ ही जीवन खुशहाल रहता है। […]

---विज्ञापन---

Durva Niyam: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस तरह भगवान गणेश की पूजा में मोदक का भोग लगया जाता है, ठीक उसी प्रकार दूर्वा चढ़ाने का भी विशेष महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाने से संसार के  सुख और संपदा में वृद्धि होती है। इसके साथ ही जीवन खुशहाल रहता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश की पूजा बिना दूर्वा के अधूरी मानी जाती है। तो आइए जानते हैं आखिर भगवान गणेश को क्यों चढ़ाया जाता है दूर्वा। इसके साथ ही इसके पीछे का कारण, नियम और मंत्र के बारे में जानते हैं।

गणपति को क्यों चढ़ाया जाता है दूर्वा

आध्यात्मिक कथाओं के अनुसार, प्राचीनकाल में अनलासुर नाम का एक राक्षस था, उसके प्रकोप से धरती और स्वर्ग पर कोहराम मचा हुआ था। दैत्य ऋषियों और साधारण मनुष्यों को जिंदा ही निगल जाता था। राक्षस के अत्याचारों से त्रस्त होकर सभी देव महादेव के पास पहुंचे और प्रार्थना किए। उनके प्रार्थना को सुनकर कहा कि अनलासुर का वध सिर्फ श्री गणेश ही कर सकते हैं। तब, फिर सभी देवों और ऋषियों ने भगवान गणेश से प्रार्थना किया। भगवान गणेश उनके प्रार्थना को स्विकार कर दैत्यराज अनलासुर को निगल लिया। दैत्य को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में जलन होने लगी। तब ऋषि कश्यप ने भगवान गणेश के पेट की जलन को खत्म करने के लिए दूर्वा की 21 गांठे बनाकर खाने को दीं। दूर्वा खाकर गणेश जी के पेट की जलन कम हुई। तब से ऐसी मान्यता है कि भगवान गणेश को दूर्वा बहुत ही प्रिय हैं।

---विज्ञापन---

दूर्वा चढ़ाने का नियम

  • भगवान गणेश को दूर्व बहुत ही प्रिय हैं। दूर्वा चढ़ाने के लिए उसे अच्छे से साफ पानी से धो लें।
  • इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि दूर्वा किसी मंदिर या बगीचे का ही होना चाहिए। गंदे स्थान का नहीं होना चाहिए।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश को दूर्वा कभी भी जोड़ा में चढ़ाना चाहिए।
  • भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाते समय श्री गणेश के कुछ मंत्रों का जाप करना चाहिए।

यह भी पढ़ें- इन मूलांक वालों को होगा अचानक धन लाभ, नौकरी में भी तरक्की के हैं योग

भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाने का मंत्र

  • ऊँ गं गणपतेय नम:
  • ऊँ गणाधिपाय नमः
  • ऊँ उमापुत्राय नमः
  • ऊँ विघ्ननाशनाय नमः
  • ऊँ विनायकाय नमः
  • ऊँ ईशपुत्राय नमः
  • ऊँ सर्वसिद्धिप्रदाय नम:
  • ऊँएकदन्ताय नमः
  • ऊँ इभवक्त्राय नमः
  • ऊँ मूषकवाहनाय नमः
  • ऊँ कुमारगुरवे नमः

यह भी पढ़ें- परिवर्तिनी एकादशी पर क्या करें क्या न करें, जानें यहां धार्मिक नियम

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

---विज्ञापन---
First published on: Sep 24, 2023 07:01 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola