Chanakya Niti: ऐसे लोगों से भूलकर भी न करें दोस्ती, होगा बड़ा नुकसान
Edited By Pankaj Mishra

Chanakya Niti
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Chanakya Niti
Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य भारत ही नहीं दुनिया के श्रेष्ठ विद्वान में से एक माने जाते हैं। इन्हें समाज शास्त्र अर्थशास्त्र, राजनीति और कूटनीति का परम ज्ञाता माना जाता है। प्राचीन काल में चाणक्य द्वारा बताई गई नितियां आज भी समाज के लिए उतनी ही उपयोगी है जितना है उस समय समय में था। आज भी उनकी शिक्षाएं लोगों को जीवन में सफल बनाने और प्रेरित करने का काम कर रही है।
आचार्य चाणक्य की नीति शास्त्र की बताई गई कई बातें कटु जरुर लगती है, लेकिन वह मनुष्य को जीवन की सच्चाई से अवगत कराती है। आज भी अगर कोई व्यक्ति इनकी बताई गई बातों का ध्यान रखे तो वह अनचाही समस्याओं से न सिर्फ बच सकता है, बल्कि एक सफल और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर सकता है। इसी कड़ी आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में बताया है कि हमें कुछ खास तरह के लोगों से दूर रहना चाहिए।
आचार्य चाणक्य अपने नीति शास्त्र में बताते हैं कि मनुष्य को ऐसे व्यक्ति भी व्यक्ति से मित्रता नहीं करनी चाहिए जिसकी नजर में पाप हो। ऐसी व्यक्ति के साथ मित्रता आपको कभी और कहीं भी मुश्किल में डाल सकता है। जिस व्यक्ति की नजर में पाप है तो वह कभी भी आपके परिवार को भी अच्छी दृष्टि से नहीं देखेगा और इस कारण कभी भी आपकी परेशानी बढ़ सकती है।
आचार्य चाणक्य के अनुसार दुष्ट व्यक्ति से हमेशा दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति के मुताबिक ऐसा व्यक्ति जो बुरी आदतों से घिरा हो उसके साथ दोस्ती कभी भी हित में नहीं होता। आपके जीवन को भी उसकी खराब आदतें प्रभावित कर सकती है। अपनी आदत के मुताबिक दुष्ट व्यक्ति आपके साथ भी कभी की दुष्टता कर सकता है और आप कभी भी मुश्किल में घिर सकते हैं।
आचार्य चाणक्य अपने नीति शास्त्र में कहते हैं कि हमें ऐसे किसी भी व्यक्ति से दोस्ती नहीं करनी चाहिए जो बुरे यानी गलत जगह पर रहता है। गलत यानी बुरे स्थान पर रहने वाला व्यक्ति लंबे समय तक खुद को उस जगह की बुराइयों से दूर नहीं रख पाता। ऐसे में ऐसे व्यक्ति के साथ मित्रता आपके जीवन पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है। आचार्य चाणक्य आगे कहते हैं कि अच्छे स्थान पर अच्छे लोगों के बीच रहने वाले व्यक्ति के साथ ही दोस्ती करें।
आचार्य चाणक्य अपने नीति शास्त्र में आगे कहते हैं कि ऐसे व्यक्ति को कभी भी अपना दोस्त नहीं बनाना चाहिए जिनका स्वभाव अच्छा न हो। नीति शास्त्र में आचार्य चाणक्य कहते हैं जो व्यक्ति अपने माता-पिता का सम्मान, पत्नी और बच्चों की इज्जत और बड़े के साथ अच्छा व्यवहार न करता हो उसके साथ कभी भी मित्रता नहीं करनी चाहिए। आचार्य चाणक्य आगे कहते हैं कि जो इंसान अपने जन्म देने वाले माता-पिता का सम्मान तक नहीं कर सकता, वह किसी और के साथ कैसे दोस्ती और मित्रता निभा सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के जानकार से सलाह जरूर लें।)
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