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UAE को सता रहा छात्रों के आतंकी बनने का डर! इस देश नहीं भेजना चाहता अपने युवा; स्कॉलरशिप पर लगाई रोक

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ब्रिटेन जाकर पढ़ाई करने के लिए अपने छात्रों को दी जा रही स्कॉलरशिप पर रोक लगा दी है. दरअसल यूएई को ये डर सताने लगा है कि कहीं उनके छात्र ब्रिटिश एजुकेशन सिस्टम में मौजूद मुस्लिम ब्रदरहुड एलीमेंट्स के प्रभाव न आ जाए और फिर छात्र आतंक का रास्ता न चुन लें.

Author Written By: Versha Singh Updated: Jan 12, 2026 19:19

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ब्रिटेन जाकर पढ़ाई करने के लिए अपने छात्रों को दी जा रही स्कॉलरशिप पर रोक लगा दी है. दरअसल यूएई को ये डर सताने लगा है कि कहीं उनके छात्र ब्रिटिश एजुकेशन सिस्टम में मौजूद मुस्लिम ब्रदरहुड एलीमेंट्स के प्रभाव न आ जाए और फिर छात्र आतंक का रास्ता न चुन लें.

मिली जानकारी के अनुसार, ब्रिटिश सरकार ने मुस्लिम ब्रदरहुड पर बैन लगाने से इनकार कर दिया है. इसके बाद ही यूएई सरकार ने ये फैसला लिया है. बता दें कि मुस्लिम ब्रदरहुड को यूएई समेत कई अन्य मुस्लिम देशों ने आतंकी संगठन घोषित किया है.

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क्या है मुस्लिम ब्रदरहुड?

मुस्लिम ब्रदरहुड या इखवान अल-मुस्लिमीन एक अंतरराष्ट्रीय सुन्नी इस्लामी संगठन है. मिली जानकारी के अनुसार, इसकी स्थापना 1928 में मिस्त्र के इस्माइलिया में एक स्कूली शिक्षक और इस्लामी विद्वान हसन अल बन्ना ने की थी. यह ओटोमन खलीफा के पतन, पश्चिमी उपनिवेशवाद और धर्मनिरपेक्ष प्रभावों के जवाब में उभरा. इसका उद्देश्य कुरान और हदीस के उपदेशों को व्यक्तिगत, सामाजिक और राजनीतिक जीवन में व्यापक रूप से लागू करके इस्लामी समाज को पुनर्जीवित करना है. इसकी मूल विचारधारा के मुताबिक इस्लाम समाधान है. यह शरिया-शासित समाजों में शिक्षा, दान और राजनीतिक भागीदारी के जरिए सुधार को बढ़ावा देती है.

यूएई ने कब लगाई थी रोक?

मिली जानकारी के अनुसार, यूएई ने ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप पर पिछले साल जून में ही रोक लगा दी थी. लेकिन ब्रिटिश अखबारों, द फाइनेंशियल टाइम्स और द टाइम्स ने इस बारे में खबरें प्रकाशित होने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया. अखबारों में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक यूएई मिनिस्ट्री ऑफ हायर एजुकेशन ने विदेशी संस्थानों की एक रिवाइज्ड लिस्ट जारी की है, जिनके लिए स्कॉलरशिप दी जानी है.

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वहीं, इस लिस्ट में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और इजरायल के शैक्षणिक संस्थानों के नाम शामिल हैं लेकिन ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज के नाम इस लिस्ट में नहीं हैं. जिसके बाद जब इसकी जानकारी ब्रिटेन के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने यूएई के फैसलों पर सवाल उठाए तो यूएई के एक अधिकारी ने बताया कि यूएई नहीं चाहता कि कैंपस में पढ़ते समय उसके देश के बच्चे कट्टरपंथी बनें.

First published on: Jan 12, 2026 06:47 PM

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