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पोप ने दी रूस के आगे घुटने टेकने की सलाह, भड़के यूक्रेन ने कहा- ऐतिहासिक गलतियां न दोहराएं

Ukraine Criticized Pope Francis Over Russia War: पोप फ्रांसिस ने बीते दिनों एक इंटरव्यू में कहा था कि यूक्रेन के पास रूस के सामने शांति वार्ता के रास्ते पर आगे बढ़ने का और सफेद झंडा उठाने का साहस होना चाहिए। इसे लेकर यूक्रेन और उसके सहयोगियों ने पोप की कड़ी आचोलना की है। यूक्रेन का कहना है कि हम अपने झंडे के नीचे जीते, मरते और जीतते हैं, हम कोई झंडा किसी कीमत पर नहीं उठाएंगे।

Edited By : Gaurav Pandey | Updated: Mar 11, 2024 08:39
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Pope Francis
यूक्रेन को सलाह देने पर आलोचना के शिकार बने पोप फ्रांसिस

Ukraine Criticized Pope Francis Over Russia War : यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग को दो साल से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन यह लड़ाई अभी भी खत्म होती नजर नहीं आ रही है। इस विवाद को समाप्त कराने के लिए पोप फ्रांसिस ने बीते दिनों एक इंटरव्यू में अप्रत्यक्ष शब्दों में यूक्रेन को रूस के आगे घुटने टेकने की सलाह दे डाली थी। अब इसे लेकर यूक्रेन और उसके सहयोगियों ने पोप फ्रांसिस की कड़े शब्दों में आचोलना की है।

पोप फ्रांसिस ने पिछले महीने के इस इंटरव्यू में रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए तरीकों पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि कीव (यूक्रेन की राजधानी) के पास रूस के साथ लड़ाई को समाप्त करने के लिए बातचीत करने का साहस होना चाहिए। कई लोगों ने पोप के बयान को इस तरह से लिया है मानो वह यूक्रेन से रूस के सामने सरेंडर करने के लिए कह रहे हों। यूक्रेन और पोलैंड के विदेश मंत्रियों ने पोप के इस बयान की निंदा की है।

विदेश मंत्री कुलेबा ने पोप पर साधा निशाना

पोप के इस बयान को लेकर यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में रिएक्शन दिया था। उन्होंने इसमें लिखा कि हमारा झंडा नीला और पीला है। हम इसी के नीचे जीते, मरते और जीतते हैं। हम कोई और झंडा नहीं उठाएंगे। वहीं, पोलैंड के विदेश मंत्री रैटेक सिकोर्स्की ने कहा कि संतुलन बनाने के लिए व्लादिमीर पुतिन को भी यह सलाह दी जा सकती है कि वह यूक्रेन के अंदर से अपनी सेना को हटाने का साहस रखें।

ऐतिहासिक गलतियां न दोहराएं पोप फ्रांसिस

कुलेबा ने अपने पोस्ट में पोप फ्रांसिस से ऐतिहासिक गलतियां न दोहराने का अनुरोध भी किया। उन्होंने गावा किया कि वेटिकन ने नाजी जर्मनी को रोकने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए थे। हालांकि, इसके बाद भी कुलेबा ने पोप फ्रांसि को यूक्रेन आने का न्योता दिया है। इसके अलावा यूक्रेन के ग्रीक कैथोलिक चर्च के प्रमुख आर्चबिशप स्वियातोस्लाव शेवचुक ने कहा कि यूक्रेन के नागरिकों के दिमाग में आत्मसमर्पण नाम का शब्द ही नहीं है। हम इसी तरह डटे रहेंगे।

फरवरी 2022 में रूस ने शुरू की थी लड़ाई

यूक्रेन क्रिश्चियन चर्च के नेताओं में से एक ने कहा है कि मॉस्को के इतने बड़े हमले के खिलाफ देश के दृढ़ विरोध ने ही नागरिकों का नरसंहार नहीं होने दिया है। बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 24 फरवरी 2022 के यूक्रेन के खिलाफ जंग का आगा किया था। इसे लेकर यूरोपीय और पश्चिमी देशों ने पुतिन का सख्त विरोध किया था और उनके खिलाफ कई प्रतिबंध लगाने का फैसला भी किया था, इन सबसे पुतिन के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

इंटरव्यू में और क्या-क्या बोले पोप फ्रांसिस?

बता दें कि पोप फ्रांसिस के इस इंटरव्यू की रिकॉर्डिंग पिछले महीने हुई थी और इसका एक हिस्सा शनिवार को रिलीज किया गया था। इसमें पोप ने कहा था कि यूक्रेन संभावित रूप से हार की दहलीज पर खड़ा है। ऐसे में उसे रूस के साथ शांति वार्ता के रास्ते पर चलने के लिए तैयार होना चाहिए। इस दौरान पोप फ्रांसिस ने ‘सफेद झंडा उठाने के साहस’ की बात भी कही थी। उल्लेखनीय है कि कि सफेद झंडे को शांति और आत्मसमर्पण का प्रतीक माना जाता है।

First published on: Mar 11, 2024 08:39 AM

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