Parmod chaudhary
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World Latest News: पाकिस्तान में एक डॉक्टर को पुलिस ने मौत के घाट उतार दिया। डॉक्टर के ऊपर ईशनिंदा का आरोप था। डॉक्टर ने एक आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर किया था। जिसे पाकिस्तान के कानून में ईशनिंदा (Blasphemy) का नाम दिया जाता है। एक दिन पहले ये पोस्ट पुलिस के सामने आया था। अगले ही दिन उमरकोट पुलिस ने डॉक्टर को पकड़ा और मार डाला। आरोपी का नाम शाह नवाज कुन्हबार बताया जा रहा है। जिसके खिलाफ उमरकोट पुलिस ने पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295c के तहत ईशनिंदा करने का मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोप है कि मृतक ने अपने Facebook अकाउंट से एक धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। पोस्ट वायरल होने के बाद चरमपंथियों ने जोरदार बवाल किया था। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई थी। लेकिन डॉक्टर के परिवार का कहना है कि नवाज के खिलाफ गलत आरोप लगाए गए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने फायरिंग की। लेकिन परिजनों का आरोप है कि फेक एनकाउंटर किया गया।
MirpurKhas Sindh 🇵🇰: Not upholding law but killing the ‘accused of blasphemy’ in custody made the Pak Police Heroes
Police surrendered to Mullahs & following mullah inspired mob rule. The institution is collapsing.
Rule of law is dead in failed state Pakistan!@arifaajakia pic.twitter.com/ttb6PVohw7
— Ayushi (@AyushiGupta_in) September 20, 2024
बताया जा रहा है कि बीते बुधवार को चरमपंथियों का एक गुट उमरकोट प्रेस क्लब के बाहर जुटा था। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान उग्र तेवर दिखाए। पुलिस की कई गाड़ियों को फूंक दिया। पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई थी। वहीं, डॉक्टर मामले के तूल पकड़ने के बाद कराची भाग गया था। उमरकोट पुलिस ने उसे वहां से दबोच लिया था। जिसके बाद उसे मीरपुरखास लाया गया था। आरोप है कि यहां सिंधरी पुलिस ने उसे फेक एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस ने कराची से गिरफ्तारी के दावों को गलत बताया है।
सिंधरी पुलिस थाने के अधिकारी नियाज खोसो ने बताया कि आरोपी शाह नवाज और उसके साथियों को पुलिस अरेस्ट करने गई थी। लेकिन वे लोग उनके ऊपर फायरिंग करने लगे। जवाब में पुलिस ने गोली चलाई। कुछ देर बाद शाह नवाज की बॉडी मिल गई, लेकिन उसके दोस्त फरार हो गए। मीरपुरखास CIA पुलिस ने दावा किया कि एनकाउंटर सिंधरी में कांटा स्टॉप के पास स्नैप चेकिंग इलाके के पास हुआ है।
बता दें कि कुछ दिन पहले नवाज का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें उसने कहा था कि फेसबुक अकाउंट हैक हो गया है। अकाउंट से ईशनिंदा से जुड़ी सामग्री शेयर की गई है। जो गलत है। वहीं, नवाज की तैनाती उमरकोट जिला मुख्यालय के अस्पताल में बताई जा रही है। जो 12 सितंबर से ड्यूटी से गैरहाजिर था। ईशनिंदा के आरोपी के एनकाउंटर का जैसे ही लोगों को पता लगा, वे और उग्र हो गए।
डॉक्टर का शव जैसे ही पुलिस ने परिवार को लौटाया, भीड़ जुट गई। भीड़ ने परिवार से शव छीन लिया। परिवार पर हमला करने की कोशिश की। परिवार को जान बचाने के लिए नबीसर थाप में पलायन करना पड़ा। यहां भी चरमपंथी पहुंच गए। परिवार ने शव को दफनाया नहीं। उसे जनहेरो इलाके में एक कार में छिपाया था। लेकिन लोगों को इसके बारे में पता लग गया। उन्होंने कार और शव दोनों को आग के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर 3 बेटों और एक बेटी का पिता था। जो चार साल से तनाव से ग्रस्त था। उसका भतीजा इंग्लैंड में डॉक्टर है। आरोपी अपने समय में 10वीं कक्षा का टॉपर रह चुका है।
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