Friday, 23 February, 2024

---विज्ञापन---

Nepal polls: प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा डडेलधुरा से लगातार सातवीं बार चुने गए

Nepal polls: प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) आम चुनाव (general elections) में लगातार सातवीं बार डडेलधुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए हैं। रविवार को प्रतिनिधि सभा (HOR) और सात प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव हुए। मतगणना सोमवार को शुरू हुई थी। संसद के 275 सदस्यों में से 165 प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से चुने […]

Edited By : Om Pratap | Updated: Feb 12, 2024 20:26
Share :

Nepal polls: प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा (Sher Bahadur Deuba) आम चुनाव (general elections) में लगातार सातवीं बार डडेलधुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए हैं। रविवार को प्रतिनिधि सभा (HOR) और सात प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव हुए। मतगणना सोमवार को शुरू हुई थी।

संसद के 275 सदस्यों में से 165 प्रत्यक्ष मतदान के माध्यम से चुने जाएंगे, जबकि शेष 110 आनुपातिक चुनाव प्रणाली के माध्यम से चुने जाएंगे। इसी तरह कुल 550 सदस्यों में से 330 सीधे चुने जाएंगे और 220 आनुपातिक पद्धति से चुने जाएंगे।

कार्यवाहक सरकार के पीएम को 25 हजार 534 वोट मिले और उन्होंने प्रतिनिधि सभा के सदस्य पद के लिए 13 हजार 42 वोट हासिल करने वाले अपने प्रतिद्वंद्वी सागर ढकाल को हराया। नेपाल में 20 नवंबर को हुए संसदीय और प्रांतीय चुनावों के लिए सोमवार को मतगणना शुरू हुई थी।

और पढ़िए –  Pakistan: इमरान खान का बड़ा ऐलान, पीटीआई के सदस्य सभी विधानसभाओं से देंगे इस्तीफा

61 प्रतिशत हुआ मतदान

नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, 20 नवंबर को हुए संसदीय और प्रांतीय चुनावों में लगभग 61 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। 20 नवंबर को एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, नेपाल के मुख्य चुनाव आयुक्त दिनेश कुमार थपलिया ने कहा कि 61 प्रतिशत मतदान प्रारंभिक आंकड़ों पर आधारित था।

थपलिया ने कहा कि जब सारा डेटा इकट्ठा किया जाएगा तो प्रतिशत बढ़ सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा, “हालांकि, यह मतदान प्रतिशत चुनाव आयोग की अपेक्षा से कम है।” उन्होंने कहा कि हिंसा की कुछ घटनाओं को छोड़कर पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव हुए।

और पढ़िए –  FIFA World Cup 2022: कतर में फैन विलेज के पास लगी भीषण आग, मशक्कत के बाद पाया काबू

नेपाली मतदाता “स्थिर सरकार और विकास” की आशा के साथ समय-समय पर होने वाले आम चुनाव की ओर बढ़ रहे हैं। 2015 में संविधान की घोषणा के बाद से यह दूसरा आम चुनाव है। 2017 में हुए पहले दौर के चुनाव नेपाली मतदाताओं की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे थे क्योंकि सरकार लंबे समय तक नहीं चल पाई थी।

और पढ़िए –  दुनिया से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें

(fisheries.org)

First published on: Nov 23, 2022 08:32 AM

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

संबंधित खबरें