नोबेल ना सही… अब सोने के सिक्के पर छपेगी डोनाल्ड ट्रंप की फोटो; अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐसा क्या कर दिया?

विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे तीखी आलोचना का निशाना बनाया है. सीनेटर जेफ मर्कली ने कहा, ‘सिक्कों पर चेहरे तानाशाहों और राजाओं के होते हैं, लोकतांत्रिक नेताओं के नहीं.’

GOLD COIN.jpg

अमेरिका की आजादी के 250 वर्ष पूरे होने पर जारी होने वाला खास सोने का स्मारक सिक्का अब विवादों के केंद्र में है. इसमें मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छपने जा रही है. यह 24 कैरेट शुद्ध सोने का कॉइन होगा, जिसमें ट्रंप को ‘रिजॉल्यूट डेस्क’ पर झुके हुए और मुट्ठी भींचे दिखाया गया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा 4 जुलाई 1776 को हुई थी, जब 13 उपनिवेशों ने ब्रिटेन से आजादी का ऐलान किया. इसी ऐतिहासिक पल की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में यूएस मिंट यह स्मारक सिक्का जारी करने की तैयारी कर रहा है.

विज्ञापन

राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की भी छपी थी तस्वीर


यह पहला मौका नहीं है जब किसी जीवित राष्ट्रपति की फोटो ऐसे सिक्के पर उभर रही है. साल 1926 में, आजादी के 150 वर्ष पूरे होने पर, राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज जॉर्ज वॉशिंगटन के साथ स्मारक सिक्के पर नजर आए थे. लेकिन अमेरिकी कानून में साफ तौर पर यह प्रावधान है कि किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर सामान्य मुद्रा पर नहीं छपी जा सकती. फिर भी, इस बार ट्रेजरी विभाग का तर्क है कि यह सिक्का आम चलन की मुद्रा नहीं, बल्कि कलेक्टर्स के लिए स्मारक है. इसलिए यह कानूनी छूट के दायरे में आता है.

विज्ञापन

‘कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स’ ने दी सिक्के को हरी झंडी


19 मार्च को अमेरिकी ‘कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स’ ने सिक्के के डिजाइन को हरी झंडी दे दी. हालांकि, इसके आकार और अंतिम स्वीकृति की औपचारिक प्रक्रिया अभी बाकी है. ट्रेजरी के अधिकारी ब्रैंडन बीच ने कहा, ‘यह सिक्का हमारी लोकतांत्रिक भावना और 250 साल की विरासत को दर्शाएगा. ट्रंप से बेहतर प्रतीक इस वक्त कोई नहीं हो सकता.’ लेकिन विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे तीखी आलोचना का निशाना बनाया है. सीनेटर जेफ मर्कली ने कहा, ‘सिक्कों पर चेहरे तानाशाहों और राजाओं के होते हैं, लोकतांत्रिक नेताओं के नहीं.’ उनकी पार्टी इसे ट्रंप की व्यक्तिगत छवि को इतिहास में स्थायी बनाने की कोशिश बता रही है.

विज्ञापन

ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया कि यह सिक्का बाजार में सामान्य मुद्रा के रूप में नहीं चलेगा, इसलिए मौजूदा प्रतिबंध लागू नहीं होंगे. साथ ही, 2026 में ‘1776–2026’ अंकित और लिबर्टी बेल वाले कई अन्य खास डिजाइन वाले सिक्के और मेडल भी जारी किए जाएंगे. आलोचक इसे ट्रंप प्रशासन की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसमें अपनी विरासत को राष्ट्रीय प्रतीकों से जोड़ने की कोशिश साफ दिख रही है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ