ISI के पूर्व चीफ... पुलवामा अटैक में हाथ... जानें कौन हैं पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ असीम मुनीर
Edited By Om Pratap

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Asim Munir: लेफ्टिनेंट-जनरल सैयद असीम मुनीर को पाकिस्तान के अगले सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है। लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर 29 नवंबर को निवर्तमान जनरल कमर जावेद बाजवा से पाकिस्तानी आर्मी चीफ का कार्यभार संभालेंगे। जनरल बाजवा अपने छह साल के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तानी सेना और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इमरान खान को कुछ महीने पहले सत्ता से बेदखल होना पड़ा था। इमरान और उनकी पार्टी का आरोप है कि इसमें सेना का हाथ रहा है।
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को नए सेना प्रमुख के रूप में घोषित करने के बाद कहा, “यह योग्यता, कानून और संविधान के अनुसार है।”
सूचना मंत्री मरियम औरंगजेब ने गुरुवार को ट्विटर पर मुनीर की नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने ये भी बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल साहिर शमशाद ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
इससे पहले गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कैबिनेट की बैठक बुलाई और शीर्ष सैन्य पद के लिए छह उम्मीदवारों की सूची में से लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को चुना।
लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर और लेफ्टिनेंट जनरल शमशाद के नाम को राष्ट्रपति आरिफ अल्वी की मंजूरी भी मिल चुकी है। अल्वी पाकिस्तान के सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर 1947 से पाकिस्तान के 17वें सेना प्रमुख होंगे। मंगला में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल के 17वें कोर्स से मुनीर ग्रैजुएट हैं। उन्हें फ्रंटियर फोर्स रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने सैन्य करियर की शुरुआत 1986 में की थी।
सितंबर 2018 में लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर को तीन स्टार जनरल के पद पर प्रमोट किया गया था। लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में उनका चार साल का कार्यकाल 27 नवंबर को खत्म हो रहा है। वर्तमान में, लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर रावलपिंडी में जीएचक्यू में क्वार्टर मास्टर जनरल के रूप में तैनात हैं। उनके पास सभी सैन्य इकाइयों के लिए आपूर्ति की देखरेख का प्रभार है।
2017 की शुरुआत में मुनीर को सैन्य खुफिया महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया और 21 महीने तक वे इस पद पर रहे। अक्टूबर 2018 में उन्हें देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था।
पद से हटाए जाने से पहले उन्होंने केवल आठ महीने के लिए ISI प्रमुख के रूप में कार्य किया। यह वह समय था जब फरवरी 2019 में सीआरपीएफ के 40 जवानों की जान लेने वाले पुलवामा हमले में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था।
रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्हें तत्कालीन पीएम इमरान खान के अनुरोध पर बाजवा द्वारा आईएसआई प्रमुख के पद से हटा दिया गया था। खान ने लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर की जगह लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद को नियुक्त किया था, जिन्हें खान का विश्वासपात्र माना जाता है।
लेफ्टिनेंट जनरल मुनीर दो साल के लिए गुजरांवाला कॉर्प्स कमांडर के पद पर भी तैनात रहे। यहीं से उन्हें जीएचक्यू, रावलपिंडी में उनकी वर्तमान पोस्टिंग में स्थानांतरित कर दिया गया था। उन्हें मार्च 2018 में हिलाल-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया गया था।
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