New Year से पहले खतरा! Cheese बना 'जान का दुश्‍मन', नए वैर‍िएंट से विशेषज्ञ भी अनजान

Cheese Causes Death In Britain: चीज खाने से एक शख्स की जान चली गई है। वहीं कुछ लोग अस्पताल में भर्ती हैं, आखिर मामला क्या है जानिए?

Cheese Causes Death In Britain

Cheese Causes Death In Britain

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Cheese Causes Death In Britain: नए साल से पहले ही दुनिया पर एक नया खतरा मंडराने लगा है। ब्रिटेन में एक अजीबोगरीब वैरिएंट का पता चला है, जो चीज खाने से फैला। क्रिसमस की रात को डेयरी फर्म से लोगों ने चीज खरीदा और खाया, लेकिन उसे खाने से करीब 30 लोग बीमार हो गए। इनमें 7 साल से कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि बीमार लोगों में से 11 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं एक मरीज की मौत हो चुकी है। इससे ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। ब्रिटेन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी अभी तक यह नहीं जान पाए कि आखिर चीज खाने से मौत कैसे हो गई? क्या यह कोरोना का नया वैरिएंट है? या कोई संक्रमण, जिसने बच्चों और बुजुर्गों को अपना शिकार बनाया।

 

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मार्केट से कंपनी से वापस मंगाया स्टॉक

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राहम किर्कम नामक शख्स की लंकाशायर में बेकरी प्रोडक्ट्स की दुकान है, जिससे लोगों ने चीज खरीदकर खाया था, लेकिन खाद्य मानक एजेंसी (FSA) ने एहतियात के तौर पर किर्कम की दुकान से प्रोडक्ट का स्टॉक वापस मंगा लिया। 30 अक्टूबर 2023 से 16 जनवरी 2024 तक इस्तेमाल किए जाने वाले सभी प्रकार के बेकरी और डेयरी प्रोडक्ट का स्टॉक FSA ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। बेकरी और डेयरी प्रोडक्ट कंपनी ने भी खुद एक अक्टूबर से क्रिसमस ईव के बीच बेचे गए सभी प्रोडक्ट्स का स्टॉक वापस मंगा लिया है। किर्कम की डेयरी में पनीर कच्चे दूध से बनाया जाता है, जो हीटिंग प्रोसेस से नहीं बनाया जाता। अगर ऐसा होता तो इसमें संभावित हानिकारक कीड़े मर जाते। ऐसे में चीज बनाने में लापरवाही बरती गई। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य मानक एजेंसी (FSA) मिलकर पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर चीज बनाने में कहां लापरवाही बरती गई, जो यह जानलेवा हो गया।

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संक्रमण फैलने के कारण तलाशे जा रहे

डेली मेल के अनुसार, चीज खाने से मौत स्कॉटलैंड में हुई, हालांकि पीड़ित की उम्र का खुलासा नहीं किया गया, लेकिन UK की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) के अनुसार, बीमार लोगों में 7 साल का बच्चा भी शामिल है। सबसे बुजुर्ग मरीज 81 वर्ष के थे। ब्रिटेन का स्वास्थ्य विभाग इस एंगल से भी जांच कर रहा है कि क्या इसके लिए कोई अन्य सोर्स जिम्मेदार हो सकता है? दूषित खाद्य पदार्थ, जैसे कच्ची पत्तेदार सब्जियां या अधपका मांस खाने से भी संक्रमण फैलता है। अत्यधिक संक्रामक बैक्टीरिया संक्रमित जानवरों या उनके मल को छूने और अन्य बीमार लोगों के संपर्क में आने से भी फैल सकता है। इसके लक्षणों में उल्टी, बुखार, पेट में ऐंठन और दस्त शामिल हैं, लेकिन 15 प्रतिशत मामलों में, हेमोलिटिक यूरीमिक सिंड्रोम (HUS) का कारण संक्रमण बन सकता है, जो जानलेवा स्थिति है, जो किडनी फेल होने का कारण बन सकता है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चे HUS से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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