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Explainer: बांग्लादेश में कैसे होता है चुनाव और किसके बीच है मुकाबला? समझिए चुनावी इतिहास

Bangladesh general elections Sheikh Hasina party Awami League: 2018 में हुए चुनाव में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को बहुमत मिला था। उन्हें 300 में से कुल 257 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं जातीय परिषद को केवल 26 सीटों पर जीत मिली थी।

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Bangladesh Voting for general elections Awami League Sheikh Hasina: बांग्लादेश में आम चुनावों के लिए आज मतदान हो रहा है। विपक्षी पार्टियों ने इस चुनाव का बहिष्कार किया है, जिस वजह से प्रधानमंत्री शेख हसीना का जीतना लगभग तय माना जा रहा है। भारत और अमेरिका समेत दुनिया के कई बड़े देश वहां के चुनावों में दिलचस्पी ले रहे हैं। भारत के लिए भी इस चुनाव का महत्व है क्योंकि बांग्लादेश हमारा निकटतम पड़ोसी है। चुनाव के लिए वोटिंग जारी है। चुनाव से पहले कई जगह से हिंसा और उपद्रव की खबरें आईं थीं। कई जगह आगजनी की गई।

आज हो रहा चुनाव बांग्लादेश का 12वां संसदीय चुनाव है। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा 127 विदेशी पर्यवेक्षक और 73 पत्रकार पंजीकृत किए गए हैं। आज सुबह आठ बजे शुरू हुआ मतदान शाम 4 बजे तक चलेगा। वहां के विपक्षी दल चुनाव को लेकर देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। उनका कहना है कि शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव नहीं हो पाएंगे। इसके पहले भी विपक्षी दल इलेक्शन का बॉयकाट करते रहे हैं। इसबार करीब 1900 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।

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शेख हसीना की पार्टी का जीतना तय

वहीं के चुनाव आयोग के मुताबिक कुल 11.96 करोड़ मतदाता 42,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे। मतगणना 8 जनवरी को होनी है। मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) चुनाव का बहिष्कार कर रही है, जिस वजह से शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग का जीतना तय है। चुनाव के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 8 लाख जवान तैनात किए गए हैं।

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कितनी सीटों पर होते हैं चुनाव

बाग्लादेश में इस समय आवामी लीग शासन कर रही है। इस पार्टी की नेता शेख हसीना प्रधानमंत्री हैं। बांग्लादेश में भारत की तरह दो सदन नहीं हैं बल्कि सिर्फ एक सदन है, जिसे जातीय संसद कहते हैं। जातीय संसद के सदस्य ही मिलकर प्रधानमंत्री चुनते हैं। इसमें कुल 350 सीटें हैं। जैसे भारत में लोकसभा के लिए 543 सीटें हैं। बांग्लादेश की सभी 350 सीटों में से 300 सीटों के सदस्य चुनाव के माध्यम से आते हैं। वहीं 50 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हैं। 300 सीटों के चुनाव में जीतकर जो पार्टी सरकार बनाती है वही पार्टी इन 50 सीटों पर महिलाओं को नियुक्त करती हैं। बांग्लादेश में सरकार का हेड प्रधानमंत्री होता है।

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किसके पास हैं कितनी सीटें

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बाग्लादेश 1971 में पाकिस्तान से आजाद हुआ था। इसके बाद से अबतक वहां 11 बार आम चुनाव हो चुके हैं। 2018 में हुए चुनाव में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को बहुमत मिला था। उन्हें 300 में से कुल 257 सीटों पर जीत मिली थी, जिसके बाद शेख हसीना चौथी बार प्रधानमंत्री बनीं। वहीं जातीय परिषद को केवल 26 सीटों पर जीत मिली थी। खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को सिर्फ 7 सीटें मिली थीं। इस समय कुल 350 सीटों में शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के पास 306 सीटें हैं।

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First published on: Jan 07, 2024 01:54 PM

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