उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में पुलिस ने जमीन के अंदर छिपाकर रखी गई भारी नकदी बरामद की है. पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर चोरों और नकबजनों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को यह बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर-रामनगर गांव में एक घर से जमीन में गड़े 3 ड्रम मिले, जो नोटों से खचाखच भरे हुए थे. गंगानगर के डीसीपी सोनम कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अपराधियों और संदिग्धों के सत्यापन के लिए ‘यक्ष’ ऐप का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके साथ ही सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
इसी अभियान के तहत सुबह करीब 10:00 बजे पुलिस को सूचना मिली कि नवाबगंज थाना अंतर्गत बरईपुर-रामनगर गांव निवासी राजेश यादव और राकेश यादव के घर में चोरी का कैश जमीन के नीचे दबाकर रखा गया है.
वीडियोग्राफी के बीच हुई खुदाई, 3 ड्रम कैश बरामद
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत बताए गए मकान पर छापेमारी की. पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से पूरी तलाशी की वीडियोग्राफी करवाई गई. जब संदिग्ध जगह पर जमीन की खुदाई की गई तो नीचे से 3 ड्रम बरामद हुए, जिनमें भारी मात्रा में कैश भरा हुआ था.
मालखाने में जमा कराई गई रकम, पूछताछ जारी
डीसीपी सोनम कुमार ने बताया कि बरामद सभी ड्रमों और कैश को मौके पर ही सील कर दिया गया है और सुरक्षित तरीके से पुलिस मालखाने (एविडेंस लॉकर) में जमा करा दिया गया है. इस जब्ती की जानकारी संबंधित विभागों को भी भेज दी गई है. फिलहाल पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है. पूछताछ में जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
गांव के विवाद से खुला राज
पुलिस के मुताबिक, यह मकान यादव परिवार का है. परिवार के दो भाई, राकेश यादव और राजेश यादव, पहले पुणे में काम करते थे और साल 2020 में गांव लौटे थे. गांव वालों ने बताया कि पुणे से लौटने के बाद दोनों भाइयों ने अचानक जमीनें और नए ट्रैक्टर खरीदे, जिससे उनकी बढ़ती दौलत पर लोगों को शक होने लगा था. इस छिपे हुए कैश का सुराग एक दिन पहले गांव में हुए एक स्थानीय विवाद के बाद पुलिस के हाथ लगा था. जानकारी मिली थी कि परिवार के पास भारी नकदी है और वे रोजमर्रा के खर्चों के लिए इसमें से थोड़े-थोड़े पैसे निकालते थे.
एक हिरासत में, इनकम टैक्स विभाग अलर्ट
पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, हालांकि वह लगातार गोलमोल जवाब दे रहा है. मकान को सील कर दिया गया है और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात है. मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है. पुलिस अब इस रकम के असली स्रोत और पुणे की उस कंपनी की पड़ताल में जुटी है, जहां दोनों भाई काम करने का दावा करते थे.