Shani Sade Sati: नवग्रहों में से एक शनि का ज्योतिष में खास महत्व है। शनि को न्याय और कर्मफल का दाता माना जाता है। जो लोग बुरे कर्म करते हैं, उन्हें शनि के क्रोध का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कभी न कभी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का भी सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, जब कर्मफल दाता शनि किसी राशि के दूसरे और 12वें भाव या राशि में विराजमान होते हैं, तो उस राशि पर शनि की साढ़ेसाती आरंभ हो जाती है। यह एक ग्रह दशा है, जिसका प्रभाव साढ़े सात साल तक रहता है। साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं। प्रत्येक चरण ढाई साल का होता है। माना जाता है कि जिन लोगों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती चलती है, उन्हें जीवन में उस समय किसी भी काम में सफलता नहीं मिलती है। हर समय मन परेशान रहता है और गंभीर बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।
आज पंडित सुरेश पांडेय आपको उस एक राशि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जातकों की परेशानी शनि की साढ़ेसाती के कारण जल्द ही बढ़ने वाली है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि वो राशि कौन-सी है, तो इसके लिए आप ये वीडियो देख सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।