What Is Palm Scan Payment In China: डिजिटल पेमेंट की दुनिया में जहां भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज दुनियाभर में मिसाल बना हुआ है, वहीं चीन ने लेन-देन का एक बेहद अनोखा और हाई-टेक तरीका अपना लिया है. चीन में अब खरीदारी या सफर के दौरान पैसे चुकाने के लिए न तो स्मार्टफोन की जरूरत पड़ती है और न ही क्यूआर कोड या डेबिट-क्रेडिट कार्ड की. यहां सिर्फ स्कैनर के आगे अपनी हथेली दिखाकर सेकंडों में पेमेंट हो रहा है. इसे 'पाम स्कैन पेमेंट' कहा जा रहा है.

कैसे काम करती है चीन की यह तकनीक?

पाम पेमेंट असल में एक एडवांस बायोमेट्रिक तकनीक है. सबसे पहले यूजर को अपनी हथेली का डेटा सिस्टम में रजिस्टर कराना होता है, जिसे उसके बैंक खाते या वॉलेट से लिंक कर दिया जाता है. जब यूजर किसी स्टोर, मेट्रो स्टेशन या रेस्टोरेंट में पेमेंट करता है, तो उसे सिर्फ इन्फ्रारेड स्कैनर के ऊपर अपना हाथ लहराना होता है. यह स्कैनर हथेली की त्वचा की रेखाओं के साथ-साथ त्वचा के भीतर मौजूद खून की नसों के खास पैटर्न को पढ़ता है. हर व्यक्ति की नसों का जाल फिंगरप्रिंट की तरह ही बिल्कुल अलग होता है.सिस्टम डेटा का मिलान करते ही तुरंत पैसे काट लेता है.

---विज्ञापन---

क्या ग्राहकों को देना होगा UPI का चार्ज, नए MDR शुल्क पर RBI, NSE और Phonepe का पहला बयान

2000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर कैसे कटेगा शुल्क? NPCI ने जारी किया फॉर्मूला

---विज्ञापन---

भारत के UPI से कितनी अलग है यह तकनीक?

भारत में डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई सबसे लोकप्रिय माध्यम है. हालांकि, यूपीआई के जरिए पैसे भेजने के लिए आपके पास स्मार्टफोन, इंटरनेट कनेक्शन और सिक्योरिटी पिन दर्ज करना जरूरी होता है. इसके उलट, चीन का पाम स्कैन पूरी तरह 'डिवाइस-फ्री' है. यानी अगर आपका फोन घर पर छूट जाए या उसकी बैटरी खत्म हो जाए, तब भी आप अपनी हथेली दिखाकर पेमेंट कर सकते हैं.

सुरक्षा और गोपनीयता का पहलू

चीन में WeChat Pay जैसी दिग्गज कंपनियों ने इस सर्विस को तेजी से रोलआउट किया है. जानकारों का कहना है कि फेस रिकॉग्निशन के मुकाबले पाम वेन तकनीक ज्यादा सुरक्षित और प्राइवेट है, क्योंकि किसी के हाथ की अंदरूनी नसों का क्लोन बनाना या फोटो खींचकर कॉपी करना नामुमकिन है. फिलहाल चीन के सुपरमार्केट्स, जिम और मेट्रो में यह सुविधा तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

---विज्ञापन---

चीन, जापान, श्रीलंका…’UPI पेमेंट’ के लिए किन देशों में लगता है कितना चार्ज?

---विज्ञापन---