8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हलचल तेज हो गई है. नवंबर 2025 में गठित इस आयोग को महंगाई और अन्य आर्थिक पैमानों को ध्यान में रखकर सैलरी और पेंशन में संशोधन की जिम्मेदारी दी गई है. सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस कमीशन को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. कमीशन अपनी रिपोर्ट मई 2027 में पेश करेगा. वहीं, 7वें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल दिसंबर 2025 में पूरा हो रहा है. ऐसे में यदि सरकार नए पे स्ट्रक्चर को जनवरी 2026 से पिछली तारीख से लागू करती है तो कर्मचारियों को बीच की अवधि का एकमुश्त एरियर मिलेगा.
फिटमेंट फैक्टर तय करेगा बेसिक सैलरी
कमीशन फिलहाल विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठकें कर रहा है. इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम कड़ी फिटमेंट फैक्टर है. यह एक मल्टीप्लायर होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है. अगर 8वां वेतन आयोग 3 का फिटमेंट फैक्टर तय करता है तो मौजूदा 18,000 रुपये बेसिक पे वाले कर्मचारी की सैलरी सीधे बढ़कर 54,000 रुपये हो जाएगी.
7th CPC पे मैट्रिक्स का ढांचा
मौजूदा पे मैट्रिक्स में लेवल 1 से लेवल 18 तक कुल 18 मुख्य लेवल और एक इंटरमीडिएट लेवल 13A शामिल है, जिन्हें 40 वर्टिकल प्रोग्रेशन सेल में बांटा गया है. उदाहरण के लिए, लेवल 1 पर कर्मचारी 18,000 रुपये से शुरुआत करता है और सालाना इंक्रीमेंट के साथ यह अधिकतम 56,900 रुपये तक जाता है. वहीं लेवल 2 का बैंड 19,900 रुपये से 63,200 रुपये तक है.
एरियर का आसान गणित
यदि आयोग की सिफारिशें मई 2027 में आती हैं और इन्हें जनवरी 2026 से लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों को पूरे 16 महीने का एरियर मिलेगा.
- मौजूदा लेवल 1 बेसिक पे: 18,000 रुपये
- 3 के फिटमेंट फैक्टर पर नया बेसिक पे: 54,000 रुपये
- प्रति माह का अंतर: 36,000 रुपये
- 16 महीने का कुल बकाया: 36,000 x 16 = 5,76,000 रुपये
इसी फॉर्मूले के आधार पर अन्य सभी पे लेवल के कर्मचारी भी अपने मौजूदा और नए बेसिक पे के अंतर से 16 महीने के बकाये का अनुमान लगा सकते हैं. ध्यान रहे कि यह आकलन महंगाई भत्ते (DA) और अन्य भत्तों के समायोजन से पहले का मूल आंकड़ा है.